आईआईटी में मंगलवार को इंटरनेशनल यूथ डे मनाकर स्वामी विवेकानंद को याद किया गया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन रिटायर्ड थल सेनाध्यक्ष जनरल जेजे सिंह और निदेशक प्रो. इंद्रनील मन्ना ने किया।
साथ ही रिटायर्ड जनरल ने कहा कि भारत को न्यूक्लियर पॉवर बनना चाहिए। चायना बार्डर की सुरक्षा, बीएसएफ और इंटेलीजेंस की क्षमता और बढ़ाई जानी चाहिए, ताकि दुश्मनों का मुकाबला डटकर किया जा सके। जेजे सर ने आईआईटियंस की क्लास भी ली और सफलता का मूलमंत्र भी दिया।
स्वामी विवेकानंद समिति ने मंगलवार को आडिटोरियम में ‘इंटरनेशनल यूथ डे’ मनाया। इसमें आईआईटी के स्टूडेंटों और रिटायर्ड जनरल जेजे सिंह ने भी हिस्सा लिया। स्टूडेंटों ने तमाम सवाल भी किए, जिसका जवाब पूर्व सेनाध्यक्ष ने दिया।
पठानकोट एयरबेस पर आतंकी हमले से संबंधित सवाल पर पूर्व सेनाध्यक्ष ने कहा कि मौके पर जाकर यह देखना होगा कि चूक कहां पर हुई। हमें सतर्क रहना चाहिए, यह हमला देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए चुनौती जैसा है। पूर्व सेनाध्यक्ष ने आईआईटियंस को सफलता का मंत्र भी दिया।
बताया कि सफलता पाने के लिए खुद को साबित करना जरूरी होता है। पहले लक्ष्य तय करें और फिर उसे पाने के लिए जूझ जाएं। उन्होंने अपने सिद्धांतों, 26 आतंकवादियों को मार गिराने का वाकया और लाइफ के फंडे भी बताए।
एक स्टूडेंट के सवाल पर पूर्व सेनाध्यक्ष ने कहा कि पीएम की विदेश यात्राओं से देश को फायदा मिला है। साख, सम्मान और निवेश भी बढ़ा है। स्टूडेंटों को स्वामी विवेकानंद के उपदेशों को जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने स्टूडेंटों को अपने संघर्षों के बारे में भी बताया।
बताया कि वे साढ़े पांच साल तक अरुणाचल प्रदेश के गवर्नर रहे। पिछले साल उनकी सक्सेस स्टोरी पर आधारित आटोबायोग्राफी पुस्तक ‘ए सोल्जर जनरल’ रिलीज हुई है। इन दिनों ‘इंडिया-चाइना बार्डर’ विषय पर पुस्तक लिख रहे हैं।