कानपुर। करदाताओं को बड़ी राहत मिली है। तकनीकी खामियों से अवैध किए गए आयकर रिटर्न अब मार्च 2026 तक मान्य होंगे। इसके साथ ही उन्हें पुराने सालों के रिफंड भी मिल सकेंगे। इसके लिए जरूरी है कि पैन आधार से लिंक हो। कानपुर में पांच हजार से ज्यादा करदाताओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।
मर्चेंट चैंबर ऑफ उप्र की जीएसटी कमेटी के चेयरमैन संतोष कुमार गुप्ता और सीए शिवम ओमर ने बताया कि आयकर कानून की धारा 119 के तहत केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने 28 जुलाई को पत्र जारी किया है। इसमें बताया गया कि सीपीसी सेंटर बंगलुरू करदाताओं की ओर से इस बात की शिकायत मिली थी कि उनके आयकर रिटर्न त्रुटिपूर्ण तकनीकी खामियों के कारण अवैध कर दिए गए हैं। यह कार्यवाही दाखिल आयकर रिटर्न की प्रोसेसिंग के समय की गई है। जो कि कई सालों से जुड़े मामले थे।
करनिर्धारण वर्ष 2023-24 के आयकर रिटर्न प्रोसेसिंग करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2024 भी बीत चुकी है। ऐसे सभी मामलों को विधिक रूप से मान्य करने की आवश्यकता थी। केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने ऐसे दाखिल आयकर रिटर्नों की प्रोसेसिंग सीमा बढ़ा कर करदाताओं को राहत दी है। संतोष गुप्ता ने बताया कि सभी आयकर रिटर्न जो ऑनलाइन 31 मार्च 2024 तक दाखिल किए गए हैं और तकनीकी खामियों के कारण त्रुटिपूर्ण सीपीसी सेंटर बंगलुरू की ओर से अवैध घोषित किए गए हैं। यह सभी आयकर रिटर्न अब 31 मार्च 2026 तक प्रोसेस किए जाएंगे। प्रोसेसिंग सुविधा मिलने से करदाताओं को उन वर्षों के रिफंड भी जारी हो सकेंगे। हालांकि शर्त ये होगी कि उनके पैन आधार से लिंक हों। वहीं बताया कि सितंबर तक पैन आधार से लिंक हो जाने के बाद 20 प्रतिशत टीडीएस और टीसीएस की कटौती नहीं की जाएगी। इस संबंध में भी निर्देश जारी किए गए हैं।