नोटबंदी के दौरान जब लोग हजार, दो हजार रुपये के लिए तरस रहे थे, तब स्टेट जीएसटी के तत्कालीन एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के 11 करोड़ रुपये बैंकों में बदले गए। यह बात भला आयकर विभाग से बेहतर कौन जान सकता है। बावजूद इसके विभाग बैंक अफसरों पर शिकंजा कसने में नाकाम रहा है। केशव लाल के यहां छापा मुख्य निदेशक आशु जैन के समय पड़ा था लेकिन जांच प्रधान निदेशक अमरेंद्र कुमार के समय में भी जारी थी। उन्होंने बैंक अफसरों का पर्दाफाश करने का दावा भी किया था।
स्टेट जीएसटी के पूर्व एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के घर से मिली 11 करोड़ रुपये की नकदी के मामले में आधा दर्जन से अधिक बैंकों का फंसना तय था। पूछताछ में केशव लाल ने कुछ बैंकों के नाम भी लिए थे, जहां से उन्होंने अपने गुर्गों के जरिये नोट बदलवाए, लेकिन बाद में पता नहीं क्या हुआ कि एक भी बैंक जांच के दायरे में नहीं आया।