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Kanpur News: पहले चरण में बैराज से गंगा घाट तक बनेगा गंगा रिवर फ्रंट

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कानपुर। सेतु निगम गंगा के किनारे बैराज से जाजमऊ की तरफ 11.5 किलोमीटर लंबा रिवर फ्रंट बनाएगा। पहले चरण में 7.5 किमी बैराज से शुक्लागंज के गंगा घाट तक रिवर फ्रंट बनाया जाएगा। इसका डीपीआर तैयार करने के लिए चार कंसल्टेंट कंपनियां आगे आईं हैं। इनकी टेक्निकल बिड का अध्ययन इसी हफ्ते पूरा कर फाइनेंशियल बिड खोलकर चयनित कंपनी को कार्यादेश जारी किया जाएगा। छह महीने में निर्माण शुरू करने की योजना है। निर्माण के लिए इसी माह शासनादेश और निर्माण के लिए पहली किस्त जारी होने की संभावना है।
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गंगा रिवर फ्रंट के लिए सेतु निगम की तरफ से खींचे गए खाके के अनुसार, इसमें बैराज से अटल घाट, रामेश्वर घाट, रानी घाट, भैरोघाट, मैग्जीन घाट, अस्पताल घाट, परमट घाट, बाबा घाट, सरसैया घाट, भगवतदास घाट, किला घाट होते हुए झाड़ी बाबा पड़ाव से शुक्लागंज की तरफ निर्माणाधीन पुल के पास तक छह-लेन की सड़क बनेगी। इसकी मैग्जीन घाट, परमट घाट और सरसैया घाट होते हुए वीआईपी रोड से कनेक्टिविटी होगी। भगवत दास घाट के माध्यम से इसे माल रोड से जोड़ने की बात कही जा रही है। रिवर फ्रंट के आसपास रानी घाट सहित अन्य स्थलों में पिकनिक स्पॉट भी विकसित किए जाएंगे। पार्किंग, सार्वजनिक शौचालय, पिंक टॉयलेट भी बनेंगे। निर्माण की अनुमानित लागत 3000 करोड़ रुपये है।
पटना मॉडल की तरह किया जाएगा विकसित
यहां के गंगा रिवर फ्रंट को पटना में बने गंगा रिवर फ्रंट की तरह विकसित किया जाएगा। इसके लिए पांच महीने पहले उच्च स्तरीय समन्वय समिति के कोआर्डिनेटर नीरज श्रीवास्तव, सेतु निगम के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर विजय कुमार सेन, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता (प्रांतीय खंड) अनूप मिश्रा, सिंचाई विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने पटना जाकर रिवर फ्रंट का जायजा लिया था। वहां से लौटकर यहां रिवर फ्रंट विकसित करने का खाका खींचा गया।
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ट्रांसगंगा पुल से भी होगी कनेक्टिविटी
रानी घाट और मैग्जीन घाट के माध्यम से वीआईपी रोड को गंगा पार से जोड़ने वाले ट्रांसगंगा सिटी से भी गंगा रिवर फ्रंट की कनेक्टिविटी होगी। छह-लेन के इस पुल के निर्माण के लिए शासन की व्यय वित्त समिति ने स्वीकृति दे दी है।

आईआईटी कर चुका है स्टडी
गंगा रिवर फ्रंट के लिए आईआईटी भी स्टडी कर चुका है तब नमामि गंगा परियोजना के तहत नेशनल गंगा रिवर बेसिन अथारिटी के माध्यम से इसके विकास की संभावना थी, पर धनाभाव की वजह से योजना ठंडे बस्ते पर चली गई थी। पिछले साल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुन: गंगा रिवर फ्रंट विकसित करने की तैयारियां शुरू हुईं।


कोट
गंगा रिवर फ्रंट डेवलपमेंट के लिए चार कंसल्टेंट कंपनियों ने टेंडर डाले हैं। इनकी टेक्निकल बिड का अध्ययन किया जा रहा है। यह तीन-चार दिन में पूरा हो जाएगा। इसमें चयनित कंपनियों की फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी और एल-वन (सबसे कम धनराशि में कार्य करने के लिए टेंडर डालने वाली कंपनी) को कार्यादेश जारी किया जाएगा। निर्माण के लिए शासनादेश और पहली किस्त जल्द जारी होने की संभावना है। ऐसा होते ही निर्माण शुरू हो जाएगा। - विजय कुमार सेन, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर, सेतु निगम
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