सामान्य रोगी की तुलना में कोरोना संक्रमित का इलाज करने में निजी अस्पतालों का छह गुना अधिक खर्च आ रहा है। बताया जा रहा है कि इसी वजह से निजी अस्पताल कोरोना रोगियों को भर्ती करने के लिए तैयार नहीं हो रहे हैं। हालांकि प्रशासन की बैठकों में नर्सिंगहोमों से लगातार कोविड रोगियों का इलाज शुरू करने के लिए कहा जा रहा है।
शासन स्तर पर भी निजी क्षेत्र के डॉक्टरों से इस संबंध में सहयोग की अपेक्षा की जाती है। निजी क्षेत्र के अस्पताल संचालकों का कहना है कि संसाधनों पर खर्च करने के साथ ही डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को अतिरिक्त कोविड सर्विस चार्ज देना पड़ता है। कानपुर नर्सिंगहोम एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. एमके सरावगी का कहना है कि स्टाफ की ड्यूटी तीन चरणों में होती है।