कानपुर। कानपुर विकास प्राधिकरण की मैनावती मार्ग चौड़ीकरण सहित छह परियोजनाओं को शासन से सैद्धांतिक सहमति मिल गई है। अगले महीने शासनादेश जारी होने के संकेत हैं। प्राधिकरण ने निविदा कराकर अप्रैल से विकास कार्य शुरू करने की योजना बनाई है।
प्रदेश सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में कानपुर, मथुरा-वृंदावन और मेरठ के लिए अवस्थापना निधि से 750 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इनमें कानपुर की सर्वाधिक परियोजनाएं शामिल हैं। केडीए ने न्यू कानपुर सिटी में 30 मीटर चौड़ी मास्टर प्लान सड़क, बॉटनिकल उद्यान के सुंदरीकरण और मकसूदाबाद में सिटी फॉरेस्ट के विकास सहित 20 विकास कार्यों के प्रस्ताव शासन को भेजे हैं। इन कार्यों की अनुमानित लागत 730 करोड़ रुपये है। इनमें से 15 विकास कार्यों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट भी शासन को भेजी गई है।
नियमानुसार, 25 करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं आवास विभाग स्वीकृत करता है। इससे अधिक लागत वाले प्रस्ताव शासन की व्यय वित्त समिति (ईएफसी) में स्वीकृति के लिए भेजे जाते हैं। शासन ने पहले चरण में 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले छह प्रस्ताव ईएफसी के पास भेजे। 19 फरवरी को केडीए उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल और मुख्य नगर नियोजक मनोज कुमार ने समिति के सामने इन परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण किया।
कोट
समिति ने सभी प्रस्तावों पर सहमति जताई है। समिति इसी माह या अगले माह इन प्रस्तावों पर मुहर लगाते हुए हरी झंडी के लिए शासन भेज देगी। शासन से भी अगले महीने आदेश जारी होने की उम्मीद है। ऐसा होते ही टेंडर कराकर कार्य शुरू करा दिए जाएंगे। - मदन सिंह गर्ब्याल, उपाध्यक्ष, केडीए
उम्मीद है कि अगले महीने 25 करोड़ से ज्यादा वाले विकास कार्यों के साथ ही इससे कम लागत वाले सात प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिल जाएगी। ऐसा होते ही टेंडर कराकर इन्हें पूरा कराया जाएगा। - आरआरपी सिंह, मुख्य अभियंता, केडीए
इन विकास कार्यों का हुआ प्रजेंटेशन
मैनावती मार्ग, बॉटनिकल गार्डेन का विकास व सुंदरीकरण, मकसूदाबाद सिटी फॉरेस्ट, गौतम बुद्धा पार्क की मरम्मत, सुंदरीकरण, पनकी में भाटिया तिराहे से हनुमान मंदिर रोड चौड़ीकरण, एयरपोर्ट प्रवेश द्वार व मार्ग का सुंदरीकरण