राज्य उद्योग बंधु की बैठक के संबंध में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर के उद्यमियों से वार्ता कर उनकी शिकायतें सुनीं और उनके निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित भी किया। कानपुर के उद्यमियों की तरफ से कई सवाल मुख्यमंत्री के सामने उठाए गए।
उद्यमियों ने औद्योगिक क्षेत्रों के हाउस टैक्स का मामला उठाया जिसमें कहा गया कि औद्योगिक इकाइयों को घरेलू के हिसाब से तीन गुना हाउस टैक्स लिया जाता है, इस पर उद्यमियों को कोई एतराज नहीं है, इसके बावजूद औद्योगिक इकाइयों की खाली पड़ी जमीनों को भी टैक्स निर्धारण में जोड़ा जाता है।
जबकि आवासीय क्षेत्र में ऐसा नहीं किया जाता है। इसी तरह नए स्टार्टअप को लेकर भी उद्यमियों ने अपनी बात रखी, इसमें कहा गया कि कुछ नए तरीके का स्टार्टअप होता है तभी उसमें सरकार की तरफ से सहायता दी जाती है। जबकि कुछ स्टार्टअप ऐसे भी होते हैं जो सरकारी विभागों के लिए उत्पाद बनाते हैं, लेकिन सरकारी विभाग उन उत्पादों को खरीदते नहीं हैं।
इससे भी उद्यमियों को नुकसान पहुंचता है। कॉन्फ्रेंसिंग में पीआईए के प्रांतीय अध्यक्ष मनोज बंका, ब्रजेश अवस्थी, आईआईए के अध्यक्ष आलोक अग्रवाल पूर्व अध्यक्ष सुनील वैश्य लघु उद्योग भारती के लाडली प्रसाद, हरेंद्र मूरजानी मौजूद रहे।