कानपुर। फैक्टरियों और अन्य औद्योगिक इकाइयों में पानी की टंकियां भरने के बाद ओवरफ्लो होने से होने वाली बर्बादी को रोकने के लिए आईआईटी कानपुर ने ऑटोमेटिक वाॅल्व तकनीक विकसित की है।
टैंक में पानी निर्धारित स्तर तक पहुंचते ही यह व्यवस्था अपने आप काम करेगी और पानी की सप्लाई रोक देगी। इससे टंकी की निगरानी के लिए कर्मचारी तैनात करने की जरूरत भी कम होगी। आईआईटी कानपुर के चार वैज्ञानिकों डॉ. अविनाश कुमार बाजपेयी, डॉ. भुवन भाटिया, डॉ. अमनदीप सिंह ओबेरॉय और डॉ. जे. रामकुमार ने यह तकनीक विकसित की है। इसे ‘कॉम्पैक्ट ऑटोनॉमस वैक्यूम-ऑपरेटेड वाटर जेट वाल्व फॉर ओवरफ्लो प्रिवेंशन इन स्टोरेज टैंक्स’ नाम दिया गया है। तकनीक को भारत सरकार से पेटेंट भी मिल चुका है।
वैज्ञानिकों के अनुसार, नई प्रणाली में वैक्यूम आधारित संचालन के साथ वाटर जेट वाल्व का इस्तेमाल किया गया है। इसका उद्देश्य पानी के स्तर पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सप्लाई को स्वत: नियंत्रित करना है। यानी टैंक भरने के बाद मोटर को मैनुअली बंद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। (ब्यूरो)