हादसे के बाद मलवे काे हटाने में लग गए दाे दिन
- फोटो : अमर उजाला, कानपुर
इंदौर-पटना एक्सप्रेस रेल हादसे के पीछे ट्रेन में एक्स्ट्रा एसी कोच बी-3 लगाने की जांच मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) पीके आचार्या ने शुरू कर दी है। अमर उजाला ने ही यह खुलासा किया था कि ट्रेन में हादसे वाले दिन एक अतिरिक्त कोच लगा था, जिसमें कुछ गड़बड़ी थी।
संरक्षा आयुक्त ने जांच का समय एक दिन बढ़ाते हुए गुरुवार को इंदौर और भोपाल रेलवे के कैरिज एंड वैगन विभाग (कोच मेंटनेंस विभाग) को तलब कर लिया है। एक्स्ट्रा कोच लगाने की अनुमति, उसकी फिटनेस और गड़बड़ी की शिकायत आदि बिंदुओं पर उनसे पूछताछ होगी।
22 बोगियों वाली इस ट्रेन में हादसे के दिन 23 बोगियां थीं। एक्स्ट्रा एसी कोच बी-3 में खड़खड़ाहट की आवाज और झटकों की शिकायत यात्रियों ने की थी। ड्राइवर ने भी इंजन पर अधिक लोड होने की बात कही है। अमर उजाला में 22 नवंबर को प्रकाशित ‘ट्रेन में लगा अतिरिक्त एसी कोच बना काल’ शीर्षक की खबर का संज्ञान लेते हुए इंदौर-भोपाल के कैरिज एंड वैगन विभाग के अफसरों और कर्मचारियों को पूछताछ के लिए बुला लिया है।
पहले दिन मंगलवार को शुरू हुई जांच में भी बोगियों में गड़बड़ी की बात सीआरएस से कर्मचारियों ने बताई है। इसलिए उन्होंने जांच का समय एक दिन का बढ़ाते हुए मध्य प्रदेश के रेल अफसरों को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। अभी तक जांच के इस दायरे में झांसी मंडल के रेल अफसर और कर्मचारी ही थे। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि गुरुवार को इंदौर-भोपाल के रेल अफसरों-कर्मचारियों से पूछताछ की जाएगी।