अपना शहर अगस्त में स्मार्ट सिटी घोषित हो सकता है। यह उम्मीद शुक्रवार को कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग में जताई। कहा कि अगस्त में 40 अन्य स्मार्ट सिटी का चयन होना है। इसलिए जो कमियां हाें, उन्हें दूर करके शहर स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल हो सकते हैं। इसके पहले 30 जून तक संशोधित डीपीआर बनाकर शहरी विकास मंत्रालय को भेजी जाएगी।
दो घंटे चली वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कलेक्ट्रेट के वीडियो कांफ्रेंसिंग हाल में मौजूद अफसरों को कैबिनेट सचिव ने बताया कि राउंड-2 के तहत अन्य शहरों को 30 जून तक संशोधित डीपीआर भेजना है। 40 शहरों को अगस्त में स्मार्ट सिटी घोषित किया जाएगा।
ऐसा डीपीआर बनाएं, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग लाभान्वित हों। इससे कानपुर के लिए एक उम्मीद और जगी है। स्मार्ट सिटी के मामले में लखनऊ 53.24 अंक पाकर राज्य में पहले स्थान पर है और 52 अंकों के साथ कानपुर दूसरे स्थान पर है। स्मार्ट सिटी की सूची में शामिल हुए भोपाल को 55.47 अंक मिले हैं।
कांफ्रेंसिंग में डीएम कौशलराज शर्मा, अपर नगर आयुक्त (प्रथम) विनोद गुप्ता, नगर निगम के स्मार्ट सिटी योजना के प्रभारी अधिकारी सुरेश चंद्र, आईटी अधिकारी परवेज शामिल रहे।
अलग श्रेणी में रखे जाएं सेकेंड क्लास शहर
वीडियो कांफ्रेंसिंग में उत्तर प्रदेश के नगर विकास विभाग के सचिव एसपी सिंह ने कहा कि यूपी, बिहार के शहरों की तुलना मुंबई, चेन्नई, चंडीगढ़ जैसे शहरों से नहीं की जा सकती। इसलिए सेकेंड क्लास शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए अलग मापदंड बनाने चाहिए। बिहार, तेलंगाना, नागालैंड के अफसरों ने भी एसपी सिंह की बात का समर्थन किया।
सपा, कांग्रेस ने फूंका पीएम का पुतला
कानपुर। स्मार्ट सिटी के लिए कानपुर का नाम न होने का विरोध शुरू हो गया है। शुक्रवार दोपहर को सपा पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के नगर अध्यक्ष योगेंद्र कुशवाहा योगी के नेतृत्व में सपा के पार्षद नगर निगम मुख्यालय गेट के बाहर एकत्रित हुए। पार्षदों ने नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। इस दौरान सुहेल अहमद, नवीन पंडित, राजकिशोर यादव, मदन बाबू, राकेश साहू, अजय आदि रहे।