कानपुर के हैलट अस्पताल में एक मरीज का चार घंटे ऑपरेशन किया गया। इसके बाद उसका 27 किलो वजन घट गया। दरअसल, इस मरीज के अंडकोष में 27 किलो का ट्यूमर था, जिसे हैलट अस्पताल के डॉक्टरों ने निकाल दिया। दावा किया जा रहा है कि दुनिया में इस तरह का यह दूसरा मामला है।
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इंटरनेशनल जर्नल केस रिपोर्ट ऑफ सर्जरी में अभी तक इस तरह का एक ही मामला रिपोर्ट हुआ है। फतेहपुर जिले के ग्राम गनचौली (औंग) निवासी पहलवान राजपाल (70) को छह साल से अंडकोष में ट्यूमर था, जिसका आकार इतना बढ़ गया था कि चलना-फिरना तो दूर, खड़ा होना भी मुश्किल हो गया था।
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बेटे राजेंद्र ने बताया कि पहले झोलाछापों के चक्कर में पड़े रहे और मर्ज बढ़ता गया। फतेहपुर में डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था। हैलट अस्पताल में सर्जरी विभाग के डॉ. निशांत सक्सेना की यूनिट में पिता को भर्ती कराया। इसके बाद डॉक्टरों की टीम ने ऑपरेशन कर 27 किलो का ट्यूमर निकाल दिया।
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ट्यूमर की वजह से पहलवान का वजन 102 किलो पहुंच गया था। ऑपरेशन के बाद अब उसका वजन 75 किलो हो गया है। सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. संजय काला का दावा है कि अंडकोष में होने वाले ट्यूमर का विश्व में यह अब तक यह दूसरा सबसे बड़ा मामला है।
इससे पहले एक मरीज के अंडकोष से 32 किलो का ट्यूमर निकाला गया था। कर्नाटक के कस्तूरबा मेडिकल कालेज में उसका ऑपरेशन हुआ था। डॉ. निशांत, प्लास्टिक सर्जन डॉ.प्रेम शंकर, जूनियर डॉक्टर अरविंद, डॉ. विनोद, डॉ. उज्जवल की टीम ने मरीज का तीन घंटे ऑपरेशन किया। इस समय मरीज सर्जरी विभाग के वार्ड-5 में भर्ती है।