राजकीय बालिकागृह पहुंचीराज्यपाल आनंदी बेन पटेल
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मैम, हम भी राजभवन देखना चाहते हैं, हमें भी घुमा दीजिए... स्वरूपनगर स्थित राजकीय बालिकागृह में गुरुवार को बच्चियों ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के सामने अपने मन की इच्छा रखी। बच्चियों की इस गुहार पर राज्यपाल ने अधिकारियों को जल्द राजभवन घुमाने की तैयारी के निर्देश दिए। करीब एक घंटे तक बच्चियों के बीच रहीं राज्यपाल ने न सिर्फ उनकी पढ़ाई और सुविधाओं की जानकारी ली बल्कि उनके हुनर को भी देखा। बच्चियों के हाथों से बनी राखियां, कुशन, क्राफ्ट और ग्लास पर उकेरी गई पेंटिंग देखकर वह खुश हुईं। उन्होंने इनके उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और कमाई सीधे बच्चियों के खातों में जमा कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने बालिकागृह पहुंचकर बच्चियों से संवाद किया। उन्होनें पूछा कि अब तक क्या-क्या सीखा है और किस तरह सीखा है? इस पर बच्चियों ने अपने हाथों से तैयार किए उत्पाद दिखाए। उनकी कलाकारी देखकर राज्यपाल ने निर्देश दिया कि इन उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए ताकि बच्चियों के हुनर को पहचान मिल सके और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने बच्चियों के बैंक खाते खुलवाने को भी कहा, जिससे उत्पादों की बिक्री से होने वाली कमाई सीधे उनके खातों में जमा की जा सके। राज्यपाल ने बालिकागृह में रह रहीं बच्चियों की शिक्षा और भविष्य की संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने इच्छुक बच्चियों को नर्सिंग का कोर्स कराने के लिए सीएसजेएमयू के कुलपति प्रो. विनय पाठक से कहा। साथ ही बच्चियों को कौशल विकास और तकनीकी शिक्षा से जोड़ने के निर्देश दिए, जिससे वे आगे चलकर अपने पैरों पर खड़ी हो सकें। इस मौके पर महापौर प्रमिला पांडेय, पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल, जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर, सीडीओ अभिनव जे. जैन, छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय पाठक, सीएसए के कुलपति डॉ. संजीव गुप्ता और एचबीटीयू के कुलपति प्रो. शमशेर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
रसोई से चिकित्सा कक्ष तक का निरीक्षण
राज्यपाल ने बालिकागृह के हॉल, कमरों, रसोई और चिकित्सा कक्ष का निरीक्षण किया। बच्चियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता भी देखी। उनसे यहां मिलने वाली सुविधाओं और पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। इस दौरान राज्यपाल ने बच्चियों को ट्रैक सूट, फल और मिठाई की टोकरियां भी भेंट कीं।