सुविधाएं बढ़ाकर मुनाफा कमाने की सोच के साथ शुरू की गई देश की पहली कारपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस को आधार बनाकर रेलवे भी नफा-नुकसान का आकलन कर रहा है। नुकसान में चलने वाले प्रोजेक्ट को खत्म कर फायदे वाली योजनाओं फोकस है।
दिवाली पर यात्रियों की मांग के मुताबिक आम दिनों से तीन से चार गुना महंगे किराये वाली सुविधा स्पेशल ट्रेनों को चलाकर रेलवे कमाई कर रहा है। दिवाली के ठीक पहले कानपुर रूट से करीब एक दर्जन सुविधा ट्रेनें चल रही हैं।
घाटे में चल रहीं 10 मेमू, पैसेंजर बंद कीं
लखनऊ से कानपुर होकर नई दिल्ली जाने वाली तेजस एक्सप्रेस को चलाने वाले आईआरसीटीसी को मुनाफे की बड़ी उम्मीदें हैं। यही वजह है कि वह ट्रेन के एक घंटे लेट होने पर 100 रुपये और दो घंटे से ज्यादा लेट होने पर 250 रुपये तक यात्री को वापस कर रहा है। जबकि रेलवे सालों से चल रहीं अपनी यात्री ट्रेनों से मुनाफा नहीं कमा पा रही है।
यही कारण है कि कानपुर से लखनऊ के बीच चलने वाली आठ मेमू और रायबरेली के बीच चलने वाली एक जोड़ी पैसेंजर को बंद कर चुकी है। पिछले आठ महीने से इन ट्रेनों का संचालन बंद है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इन ट्रेनों से नुकसान हो रहा था। ट्रेनें भरकर चलती थीं लेकिन टिकट कम बिकते थे। स्टाफ की कमी से चेकिंग भी नहीं हो पाती थी।
आय बढ़ाने की रेलवे की कोशिशें
रेलवे न सिर्फ दिवाली पर यात्रियों की जरूरत को ध्यान में रखकर महंगी सुविधा स्पेशल ट्रेेेनें चलाकर कमाई कर रहा है बल्कि स्टेशन स्तर पर भी आय बढ़ाने की कोशिशें हो रही हैं। कानपुर क्षेत्र के स्टेशनों पर भी विज्ञापन, निजी हाथों में खान-पान के ठेके, पार्किंग आदि देकर आय बढ़ाने की योजना तैयार की गई है।
विज्ञापनों के माध्यम से आय बढ़ाने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। प्लेटफार्म, सिटी और कैंट साइड में विज्ञापन के लिए जगह सेंट्रल प्रशासन ने उपलब्ध कराई हैं।
धीमी सरकारी प्रक्रिया मुनाफा कमाने में बाधक
किसी भी मुनाफे वाले कामों को करने में रेलवे के वाणिज्य विभाग को सरकारी धीमी प्रक्रिया से परेशान होना पड़ता है। अगर रेलवे का वाणिज्य विभाग किसी ट्रेन, स्टेशन या रेलवे संपत्ति से कमाई करने के लिए नया प्रोजेक्ट शुरू करता है तो उसकी अनुमति डीआरएम, जीएम और फिर रेलवे बोर्ड से लेनी पड़ती है।
जबकि निजी हाथों में गई तेजस एक्सप्रेस में उसे चलाने वाली आईआरसीटीसी कमाई के लिए ट्रेन का किसी भी तरह से इस्तेमाल कर सकती है। क्योंकि उसने ट्रेन को लीज पर ले रखा है।