कोरोना वैक्सीन की सांकेतिक तस्वीर
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जिन लोगों को कोरोना संक्रमण से ठीक हुए चार से छह सप्ताह हो गए हैं, वे वैक्सीन लगवा सकते हैं। इसके अलावा जिन लोगों को कोरोना के इलाज के दौरान प्लाज्मा थेरेपी दी गई है, वे भी कम से कम चार सप्ताह तक इंतजार करें। इसके बाद वैक्सीन लगवाएं। प्लाज्मा थेरेपी से रोगी के शरीर में जो एंटी बॉडीज जाती हैं, वे चार सप्ताह में क्षीण होने लगती हैं।
इसके पहले लगवाने पर वैक्सीन से पैदा होने वाला प्रभाव कम हो जाता है। जीएसवीएम मेडिकल कालेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. विकास मिश्रा ने वैक्सीनेशन गाइडलाइन के संबंध में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि जो लोग डायबिटीज के रोगी हैं, वे जब वैक्सीन लगवाने के लिए जाएं तो उसके पहले नाश्ता कर लें या खाना खाकर जाएं।
जिन लोगों को गठिया की शिकायत है और रिट्युक्सीमैब सॉल्ट दिया जा रहा है, वे वैक्सीन लगवाने के चार सप्ताह पहले से इस दवा से बचें। इसके अलावा जो लोग एस्प्रिन ले रहे हैं या खून पतला करने वाली दूसरी दवा ले रहे हैं, वे वैक्सीन लगवा सकते हैं।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि कोरोना नेजल स्प्रे बिना लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों में अधिक कारगर साबित हो सकता है। वैसे सारी वैक्सीन कोरोना के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता विकसित कर रही हैं। वैक्सीन की च्वाइस में लोगों के बहुत परेशान होने की जरूरत नहीं है।