कानपुर में गुमनाम सेनानियों के नाम के शिलालेख लगेंगे। उनका रखरखाव और मरम्मत भी होगी। सोमवार को पहली बार सदन ने इसके लिए पुनरीक्षित बजट में धन का प्रावधान किया। आगामी वित्तीय वर्षों के बजट में भी इस मद में धन का प्रावधान करने का प्रस्ताव पास किया।
इस दौरान अंग्रेजों के नाम वाले मोहल्लों के नाम बदलने का भी फैसला हुआ। सदन में सपा पार्षद दल के नेता सुहेल अहमद ने आजादी के अमृत महोत्सव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों मौलाना हसरत मोहानी, लाला लाजपत राय के साथ ही गुमनाम सेनानियों शिव वर्मा, जयदेव कपूर, डॉ. गया प्रसाद, अजीजन बाई, अजीमुल्ला खां, मौलाना अब्दुल कादिर आजाद सुब्हानी, खलीलुर्रहमान, हमीद खां, अब्दुल सत्तार, अब्दुल मजीद, अब्दुल मन्नान, अब्दुल राशिद, अहमद खां, कसीमुलनवी, दीन मोहम्मद, सलीमुद्दीन, फजल अली, बशीर अली, मुस्तफा अहमद, मोहम्मद इस्माइल, शुजाअत खां, हुसैन अली, रहमतुल्लाह, मोहम्मद नाजिर, शफीक अहमद खां तातरी, हुसैन अली शाह, याकूब खां, अब्दुल शकूर के शिलालेख चमनगंज स्थित मोहम्मद अली पार्क में स्थापित करने का प्रस्ताव रखा।
अन्य पार्षदों ने भी नगर निगम में सेनानियों के शिलालेख के नाम पर बजट आवंटित करने पर जोर दिया। महापौर ने सेनानियों के शिलालेखों के लिए चालू वित्तीय वर्ष के पुनरीक्षित बजट में 25 लाख का प्रावधान करने और अगले वित्तीय वर्षों के बजट में भी इस मद में धन की व्यवस्था करने का फैसला लिया।