गणेश प्रतिमा विसर्जन जुलूसों के कारण
बुधवार दोपहर से शाम तक जीटी रोड पर यातायात कई घंटे प्रभावित रहा।
चौबेपुर से लेकर अरौल तक बीच-बीच में लगे जाम से हजारों वाहन फंसे रहे।
करीब पांच घंटे तक यातायात ठहरा-सा रहा। कई स्कूली व रोडवेज बसें, एंबुलेंस
भी जाम में फंसी रहीं और बच्चे-बड़े सभी हलाकान रहे।
गणपति विसर्जन को
देखते हुए प्रशासन ने कोई कार्ययोजना नहीं बनाई, जिसके चलते बिल्हौर और
आस-पास के गांवों से निकली विसर्जन यात्राओं से दोपहर बाद 12 बजे से जीटी
रोड पर जाम लगने लगा।
टेंपो, लोडर, ठेलियों पर प्रतिमाएं लादे लोग
नाचते-गाते निकले तो यातायात रुक गया। विसर्जन जुलूस रेंगते हुए आगे बढ़
रहे थे इसलिए पीछे वाहनों की लाइन लगती गई। पुलिस और ट्रैफिक व्यवस्था न
होने से तोड़-फोड़ के डर से वाहन चालकों ने गाड़ियां रोकना ही बेहतर समझा।
इस वजह से जाम बढ़ता गया।
चार बजे के बाद पहुंची फोर्स ने जाम में फंसी
एंबुलेंस, कारों और बसों को जैसे-तैसे निकाला। इसी तरह चौबेपुर, शिवराजपुर
और उत्तरी पूरा कस्बे में भी दिन में कई बार जाम लगा। शहर में भी यही हालात
रहे। विसर्जन के लिए शहर के विभिन्न इलाकों से टोलियों निकलीं तो सड़क पर
यातायात रेंगने लगा।
विजय नगर चौराहा, पी रोड, माल रोड, घंटाघर चौराहा,
एक्सप्रेस रोड, नरेन्द्र मोहन सेतु, जरीब चौकी चौराहा सहित पूरे शहर में
दिन भर जाम लगता रहा। हालांकि प्रमुख चौराहों पर यातायात पुलिस होने पर जाम
कुछ देर बाद खत्म हो जाता। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि गणेश उत्सव के साथ ही
बकरीद के चलते हर चौराहे पर यातायात पुलिस सक्रिय है। भीड़-भाड़ वाले
चौराहों पर कुछ परेशानी हुई थी।
हर साल बढ़ रही गणेश प्रतिमाआें की संख्या
गणेशोत्सव पर मूर्ति स्थापित करने की संख्या लगातार बढ़ रही है। यदि तीन साल के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो इस वर्ष मूर्तियों की स्थापना में दोगुने की बढ़ोतरी हुई है।
पिछले वर्ष करीब 1500 गणेश मूर्तियां सार्वजनिक और घरों में स्थापित की गई थीं। इस बार यह का आंकड़ा ढाई हजार से भी अधिक बताया जा रहा है।
आज तक नहीं बना कोई ट्रैफिक प्लान
गणेश मूर्तियों के विजर्सन को लेकर आज तक प्रशासन ने कोई ट्रैफिक प्लान नहीं बनाया है। विसर्जन के रूट समितियों ने अपने तरीके से निर्धारित कर रखे हैं। उसमें अक्सर फेरबदल भी हो जाता है।
पुलिस प्रशासन इसके लिए कभी शहर को सूचित करने के लिए कोई जानकारी भी नहीं देता है। गणेश मूर्ति स्थापना करने वाली समितियों का कहना है कि बकरीद और ईद और मुहर्रम की तरह गणेश प्रतिमा विसर्जन का भी रूट तैयार किया जाना चाहिए।
श्रीगणेश पूजा पंडाल, राधे-राधे बाल समिति लाठी मोहाल के पदाधिकारी ज्ञानेश विश्नोई का कहना है कि पुलिस प्रशासन को चाहिए कि विसर्जन रूट का प्लान बनाए। जो प्लान बनेगा, हम मानेंगे और सुबह जल्दी ही विसर्जन के लिए निकलेंगे।