अवैध असलहा फैक्ट्री पकड़ी गई (फाइल फोटो)
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उन्नाव के चंदनखेड़ा के जंगल में पुलिस ने दबिश देकर एक झोपड़ी में चल रही असलहा फैक्टरी का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने मौके से पांच देसी बंदूक, 9 अद्धी, 18 तमंचा, 51 कारतूस, 5 अधबने तमंचे व असलहा बनाने के उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस ने असलहा बनाने वाले एक शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया, उसके दो साथी भाग गए। असलहों की आपूर्ति लखनऊ व उसके आसपास के जिलों में होनी थी।
पुलिस अधीक्षक एमपी वर्मा व एएसपी वीके पांडेय ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर असोहा थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह, स्वाट टीम प्रभारी डीके शाही, सर्विलांस सेल प्रभारी कुलदीप तिवारी ने चंदनखेड़ा के जंगल में छापा मारकर एक झोपड़ी में चल रही असलहा फैक्टरी पकड़ी। मौके से गंगाघाट थाना क्षेत्र के लोचनखेड़ा निवासी फूचलंद्र को गिरफ्तार किया, जबकि उसके दो साथी सुरेश व रमेश निवासी सेमरी थाना असोहा भाग निकले।
तमंचा बनाने का मिला था सबसे अधिक आर्डर
पुलिस ने झोपड़ी से 12 बोर की 4 देसी बंदूक, 12 बोर की 9 अद्धी (तमंचा), 315 बोर की एक देसी बंदूक, 18 तमंचा, 51 कारतूस व 5 अधबने तमंचों के अलावा असलहा बनाने में प्रयोग होने वाली ड्रिल मशीन, शमशी, छेनी हथौड़ी, रेती, स्प्रिंग बरामद की। असोहा प्रभारी संतोष सिंह ने बताया कि आरोपियों पर आर्म्स एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है।
असलहा फैक्टरी के साथ पकड़े गए फूलचंद्र पर गंगाघाट थानाक्षेत्र में हत्या व आर्म्स एक्ट के दो व एक आर्म्स एक्ट का एक मुकदमा असोहा थाना में दर्ज है। जबकि फरार अभियुक्त सुरेश व रमेश के खिलाफ असोहा थाना में आर्म्स एक्ट के मुकदमा दर्ज हैं। पूछताछ में आरोपी फूलचंद्र ने बताया कि चुनाव के लिए उसे असलहा बनाने का आर्डर मिला था। वह अब तक 500 असलहों को बनाकर उनकी आपूर्ति कर चुका है। सबसे अधिक आर्डर उसे तमंचा बनाने का मिला था। उसने बताया कि लखनऊ व उसके आसपास के जिलों के लोग उससे असलहे खरीदते थे।