अवैध मौरंग खनन मामले में जनहित याचिकाकर्ता ने मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव खनिज को पत्र लिखकर एक मांग उठाई है। पत्र में कहा गया है कि सीबीआई जांच के दायरे में आने वाले खनन पट्टों के साथ रिक्त खनन पट्टों पर ई टेंडरिंग 2018-19 में स्वीकृत हुई है। पट्टा धारकों ने पर्यावरण की फर्जी ईएलए रिपोर्ट बनवाकर खनन किया है। इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
जनहित याचिकाकर्ता विजय द्विवेदी ने भेजे पत्र में बताया अवैध खनन मामले में सीबीआई ने दो जनवरी को एफआईआर दर्ज कराई थी। बताया न्यायालय के आदेश पर सीबीआई जांच के दायरे में आने वाले खनन पट्टा, रिक्त पड़े खनन पट्टों, वन विभाग व किसानों की भूमि पर ई टेंडरिंग 2018-19 स्वीकृत पट्टा धारकों ने अवैध खनन किया। प्रशासन ने अवैध मौरंग भंडारण को सीज भी कराया था। पट्टा धारकों ने सीज भंडारण मौरंग को उठा लिया। जिसकी जांच कराई जाए।
डीएम ने अवैध खनन में दो एसडीएम, एसओ की भूमिका संदिग्ध होने पर जांच समिति गठित की है और आधा दर्जन से अधिक पट्टा धारकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। जिले में ई टेंडरिंग के स्वीकृत 32 पट्टों की एनओसी लेने में फर्जीबाड़ा हुआ है। पट्टा धारकों ने फर्जी ईएलए रिपोर्ट बनवाकर पर्यावरण की एनओसी लेने पर एनजीटी ने रिपोर्ट मांगी है। याचिकाकर्ता ने कहा सीबीआई के दायरे में आने वाले व रिक्त खनन पट्टों और किसानों की भूमि पर ई टेंडरिंग स्वीकृत पट्टा धारकों पर खनन कराए जाने की एफआईआर दर्ज कराकर सीबीआई जांच कराने की मांग की है।