अनुबंध से ज्यादा खुदाई होने पर किसान विरोध करता है तो उसे पैसों का लालच दिया जाता है। इस पर भी बात नहीं बनती तो उन्हें डरा धमकाकर शांत करा दिया जाता है। सूत्रों की मानें तो पुलिस और विभागीय अधिकारियों को इस पूरे मामले की जानकारी है, लेकिन जानबूझकर सभी ने आंखों पर पट्टी बांध रखी है।
डीएम की चिट्ठी का भी असर नहीं
फ्रेट कॉरिडोर के बहाने मिट्टी की अवैध खुदाई की शिकायत के बाद जिलाधिकारी विजय विश्वास पंत ने मामले को गंभीरता से लिया था। उन्होंने 11 जनवरी को भेजे गए अपने आदेश में एसएसपी, एसओ बिधनू और एसओ नरवल से कहा था कि अब किसी भी सूरत में रात में खनन नहीं होना चाहिए, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। आदेश में यह भी कहा था कि ठेकेदारों पर भी नजर रखी जाए। हालांकि ऐसा कुछ हुआ नहीं।
इस तरह चलता है धंधा
10 बजे रात से सुबह 6 बजे तक दौड़ते हैं खनन के वाहन
500 फीट मिट्टी एक ट्राली में आती है
2.5 से 3 हजार में बिक रही एक ट्राली मिट्टी
इन क्षेत्रों में हो रहा खनन
रमईपुर, बिधून, हरबशपुर, मगरासा, नेवरी, ओरछी, डोकहा, ओरियारा, इमलीपुर, खरगपुर, कसिगवां, कुम्हऊपुर, पिपरिगवां, कोरौना, सेन पूरब पाड़ा, सेन पश्चिम पाड़ा।