अंग्रेजी शराब में मिलावट करने वाला शराब माफिया प्रवीण कुमार मिश्रा उर्फ कल्लू समेत तीन आरोपियों को पुलिस ने सोमवार को जेल भेज दिया। घाटमपुर विधानसभा क्षेत्र से बसपा का महासचिव प्रवीण कुमार पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए कार में सत्ताधारी पार्टी का झंडा लगाकर चलता था।
इसका खुलासा आईजी आलोक सिंह और एसएसपी अनंत देव ने पत्रकार वार्ता में किया। आठ व नौ मार्च को घाटमपुर में जहरीली शराब से आठ लोगों की मौतें हुईं थीं। मामले में बसपा नेता योंगेंद्र कुशवाहा सहित एक दर्जन से अधिक लोग जेल गए थे।
इस गिरोह के साथ मिलकर पतारा संचितपुर गांव निवासी प्रवीण कुमार अवैध शराब का धंधा कर रहा था। वह बिधनू से वांछित था। पुलिस ने रविवार शाम को प्रवीण के साथ ही उसके दो साथी कमलाकांत व राहुल भट्ट को बिधनू से दबोचा था। कमलाकांत कैरियर काम करता था।
शहर से लेकर गांव तक शराब पहुंचाने का की जिम्मेदारी उसी की थी। एसएसपी ने बताया कि नेताओं की सरपरस्ती में प्रवीण सहित अन्य शराब माफियाओं का धंधा पनपा है। जिसकी सरकार होती है, उसी का झंडा आरोपी गाड़ी में लगाकर चलते थे।
संचितपुर गांव निवासी शराब माफिया राधेश्याम मिश्रा पिछले एक दशक से अंग्रेजी शराब में मिलावट करने का धंधा कर रहा है। प्रवीण कुमार राधेश्याम का दूर के रिश्ते से भतीजा है। सीओ घाटमपुर शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि चार पांच वर्षों तक प्रवीण ने राधेश्याम के साथ काम किया।
2016 में उसने अपना धंधा शुरू कर दिया था। उसके पास जाजमऊ, घाटमपुर और हंसपुरम में अंग्रेजी शराब के ठेके थे। पूछताछ में कल्लू ने बताया कि इस बार वह ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। गिरोह का सरगना जाजमऊ निवासी शहनवाज और उसका साथी मुकेश फरार है।
शहनवाज के शराब के कई ठेके हैं, जहां पर वह मिलावटी शराब की खेप को खपाता था। आईजी रेंज आलोक सिंह ने बताया शराब माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। अगर इसमें पुलिसकर्मियों की मिलीभगत पाई जाती तो उनके खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की जाएगी।