कानपुर। आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) ने 500 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट करने का गौरव हासिल किया है। साल 2000 में सिडबी के सहयोग से स्थापित एसआईआईसी अब देश के सबसे लंबे समय तक सक्रिय और प्रभावशाली टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटरों में गिना जाता है। इस उपलब्धि का जश्न मंगलवार को आईआईटी के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल, फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड रिसर्च इन साइंस एंड टेक्नोलॉजी और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के पदाधिकारियों की मौजूदगी में मनाया गया।
इस मौके पर प्रो. अग्रवाल ने कहा कि एसआईआईसी के स्टार्टअप्स ने अब तक करीब 12 हजार करोड़ रुपये की संयुक्त वैल्यूएशन हासिल की है। संस्था ने 150 से अधिक महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित किया है। 22 राज्यों में फैले 253 स्टार्टअप्स के माध्यम से 10,829 से अधिक रोजगार सृजित किए हैं। मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों के साथ तालमेल रखते हुए एसआईआईसी ने साबित किया है कि शैक्षणिक संस्थान भी डीप-टेक इनक्यूबेशन के जरिये भारत की आर्थिक और सामाजिक प्रगति में अहम योगदान दे सकते हैं। प्रो. दीपू फिलिप ने कहा कि यह उपलब्धि हमारे स्टार्टअप्स की दृढ़ता और नवाचार को दर्शाती है। कार्यक्रम में प्रो. ब्रज भूषण, प्रो. तरुण गुप्ता, प्रो. श्रीकांत शास्त्री, अनुराग सिंह, पीयूष मिश्रा शामिल रहे।