फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आईआईटीयंस पर भारी पड़ेंगे अाने वाले दिन, पढ़िए अाखिर क्या हुअा ऐसा

Thu, 25 Aug 2016 08:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो कानपुर
विज्ञापन
आईआईटी कानपुर में स्टूडेंटाें का प्राेटेस्ट (फाइल फाेटाे)
विज्ञापन
मैटेरियल साइंस के रिसर्च स्कॉलर (पीएचडी) आलोक कुमार पांडेय की मौत के बाद आईआईटी में हुए बवाल और स्टूडेंटों की भूमिका की जांच करने के लिए शुक्रवार से पांच सदस्यीय कमेटी कैंपस में डेरा डाल देगी। इस कमेटी के मुखिया प्रो. केएल चोपड़ा हैं। जांच रिपोर्ट एक महीने में आएगी। इसकी पुष्टि रजिस्ट्रार (प्रोफेसर इंचार्ज) प्रो. सुधीर मिश्रा ने की है। 
विज्ञापन

रिसर्च स्कॉलर की मौत के बाद आईआईटीयंस ने 8 से 10 अगस्त के बीच आंदोलन किया था। अब मामले की जांच शुरू हो गई है। जो कमेटी आएगी, वह आंदोलन के दौरान बने मोबाइल वीडियो, क्लोज सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरा की फुटेज जांचेगी। आंदोलन करने वालों की पहचान होगी, फिर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। वीडियो फुटेज की जांच में तमाम आईआईटीयंस का फंसना तय है। इसको लेकर स्टूडेंट सहमे भी हैं। सूत्रों ने बताया कि आंदोलन को हवा देने में कुछ रिसर्च स्कॉलर की भूमिका संदिग्ध है। ये सभी पहले इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, जेएनयू, वाराणसी यूनिवर्सिटी और कानपुर यूनिवर्सिटी के छात्रनेता रहे हैं। इन सबके खिलाफ कार्रवाई तय है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें