कानपुर कल्याणपुर के शारदानगर न्यू ट्विन टावर में फ्लैट में बंद मिले आईआईटी कोचिंग डायरेक्टर संजीव दयाल होश में आ गए हैं। वहीं उनकी पत्नी विद्या की हालत नाजुक है। संजीव अभी बोलने की स्थिति में नहीं हैं। उनकी बहन शिल्पा आज शहर पहुंचेंगी। चचेरी बहन भी सिंगापुर से आ सकती हैं। संजीव दयाल के चचेरे भाई सीनियर आईएएस प्रवीण प्रकाश हैं। प्रवीण प्रकाश इस समय भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय की ओर से चलाए जा रहे स्वच्छ भारत अभियान के ज्वाइंट सेक्रेटरी और मिशन डायरेक्टर हैं। प्रवीण इस समय चेन्नई में हैं उन्होंने जल्द आने की बात कही है। हैलट के आईसीयू वार्ड में भर्ती संजीव दयाल की गुुरुवार को हालत में सुधार आया है। वहीं उनकी पत्नी विद्या की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। उनका इलाज कर रहे डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि गुरुवार को संजीव की हालत में सुधार आया है।
ये था मामला
तीन दिन पहले आईआईटी कोचिंग डायरेक्टर और उनकी पत्नी को फ्लैट के अंदर बेहोशी की हालत में पाया गया था। संजीव दयाल ने खुद को और अपनी पत्नी विद्या को करीब चार महीने पहले फ्लैट के अंदर बंद कर लिया था। दोनों कई महीनों तक बाहर नहीं निकले, लेकिन जब पड़ोसियों को फ्लैट से बदबू आने लगी तो इसकी खबर पुलिस को दी गई। अस्पताल दाखिल करने के बाद डॉक्टरों ने बताया कि दोनों ने कई दिनों से खाना नहीं खाया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर गेट खोला था।
जुटे पूर्व आईआईटीयन मदद को बनाया ग्रुप
गुरुवार को हैलट में संजीव दयाल के सीनियर और जूनियर पूर्व आईआईटियन जुटे। कानपुर आईआईटी से 1992 में पासआउट काकादेव में जीनियस च्वाइस कोचिंग चलाने वाले सर्वेश सिंह, बाबा कोचिंग संचालक महेश सिंह चौहान, 1991 में पासआउट साकेत नगर निवासी अभिषेक गुप्ता पहुंचे। संजीव के सीनियर रहे 1986 से पासआउट स्वरूपनगर निवासी मैथ की कोचिंग चलाने वाले पंकज अग्रवाल ने बताया कि संजीव के इलाज के लिए फंड जमा किया जा रहा है। एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया है। जिसमें आईआईटियंस को जोड़ा जा रहा है और उनसे मदद के लिए फंड जमा कराया जा रहा है।
प्रोफाइल- नाम- संजीव दयाल (50)
मैथमैटिक्स एजुकेटर, ट्रेनर, ऑथर इनोवेटर संजीव दयाल ने आईआईटी कानपुर से 1984 से 1988 तक मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग से बीटेक किया। इसके बाद खुद की आईआईटी प्रवेश परीक्षा कोचिंग खोली और मैथमैटिक्स की बुकें लिखीं। वर्तमान में वह घर पर ही आईआईटी की कोचिंग पढ़ाते हैं। उनके पिता सीएम दयाल केसा में अधीक्षण अभियंता और मां सर्वोदय नगर स्थित मर्केंटाइल बैंक में मैनेजर थीं। दादा आयकर कमिश्नर और नाना पटना हाईकोर्ट में जज थे।
विद्या दयाल (48 )
मूल रूप से मुंबई की रहने वाली हैं। होम साइंस में पीएचडी करने के बाद सीएसए में कांट्रैक्चुअल होम साइंस की शिक्षिका रहीं। इसके बाद पद स्थायी करने को लेकर सीएसए प्रशासन से विवाद हुआ वर्तमान में घर पर ही रहती थीं। विद्या के बारे में और ज्यादा जानकारी किसी को नहीं मिल पाई। बताया गया कि उनके भाई बांबे से जल्द ही आ रहे हैं।