कानपुर। एयरपोर्ट और उससे जुड़े सभी ऑपरेशंस को अत्याधुनिक, सुरक्षित और अधिक सरल बनाने के उद्देश्य से आयोजित सिविल एविएशन इनोवेशन चैलेंज में आईआईटी कानपुर ने प्रथम स्थान हासिल किया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की ओर से विंग्स इंडिया 2026 कार्यक्रम के तहत हुई प्रतियोगिता का शुभारंभ मंत्री के. राममोहन नायडू ने किया। प्रतियोगिता में एनआईटी वारंगल की टीम दूसरे और आईआईटी मद्रास की टीम तीसरे स्थान पर रही।
हैदराबाद के बेगमपेट हवाई अड्डे पर 28 से 31 जनवरी तक आयोजित प्रतियोगिता में देशभर के प्रमुख तकनीकी संस्थान, स्टार्टअप्स और विमानन क्षेत्र की कंपनियों ने भाग लिया। इसमें आईआईटी कानपुर की विजेता टीम स्टैक अंडरफ्लो ने स्मार्ट एयरपोर्ट ऑपरेशंस, एआई-सक्षम एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और अन्य उन्नत तकनीकों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। टीम का नेतृत्व प्रत्यूष गुप्ता ने किया, जबकि अन्य सदस्य विनायक डालमिया और विनीत कुमार शर्मा थे।
टीम की ओर से प्रस्तुत समाधान न केवल तकनीकी रूप से उन्नत थे, बल्कि भविष्य के हवाई अड्डों को अधिक सुरक्षित, कुशल और स्मार्ट बनाने की दिशा में बेहद उपयोगी माने गए। जूरी सदस्यों और वहां मौजूद विमानन विशेषज्ञों ने टीम के इनोवेशन की सराहना की। आईआईटी कानपुर के छात्रों ने यह प्रस्तुति प्रो. शंकर प्रवेश के मार्गदर्शन में दी। वहीं निदेशक सहित संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और शिक्षकों ने इस उपलब्धि पर विजेता टीम को बधाई दी।
एआई के उपयोग से सुव्यवस्थित होगा एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट
टीम के सदस्यों ने बताया कि एआई के इस्तेमाल से मौसम के पैटर्न का सटीक पूर्वानुमान, संभावित टकराव की पहचान और विमानों के लिए सर्वोत्तम मार्ग का चयन संभव है। इससे उड़ानों की सुरक्षा बढ़ेगी और देरी में कमी आएगी। टीम के अनुसार स्मार्ट एयरपोर्ट का अर्थ है एक ऐसा इंटेलीजेंट एयरपोर्ट जहां इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), एआई और डेटा एनालिटिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से यात्रियों की आवाजाही, सुरक्षा जांच, बैगेज हैंडलिंग और एयर ट्रैफिक कंट्रोल को तेज, सटीक और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।