आईआईटी कानपुर अब लैब में कृत्रिम हीरे को भी तैयार करेगा। आम बजट में इस लैब ग्रोन डायमंड (एलजीडी) को विकसित करने पर चर्चा हुई। इसकी रिसर्च का काम किसी भी आईआईटी को सौंपा जा सकता है। इसी क्रम में आईआईटी कानपुर सरकार को प्रस्ताव भेजेगा।
लैब ग्रोन डायमंड पर कई देश काम कर रहे हैं, अब इसमें भारत भी शामिल हो गया है। इसकी रिसर्च करने का काम आईआईटी को सौंपा जाना है। विशेषज्ञों के अनुसार, 2030 तक लैब ग्रोन डायमंड का बाजार चार लाख करोड़ रुपये के करीब पहुंचने का आसार है। आईआईटी के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर का कहना है कि संस्थान के वैज्ञानिक इस तकनीक को विकसित करने में सक्षम हैं। सरकार के इस सपने को पूरा करने के लिए संस्थान पूरी तरह से तैयार है।