अब रिसर्च के माध्यम से अपराध को रोकने में आईआईटी कानपुर पुलिस की मदद करेगा। इसके लिए आईआईटी कानपुर ने आपराधिक न्याय अनुसंधान केंद्र का गठन किया है। पुलिस से मिलकर उनकी समस्याओं को समझने के बाद उस पर रिसर्च कर समाधान निकाला जाएगा। आईआईटी के पूर्व छात्र डॉ. अरविंद वर्मा के नेतृत्व में यह संचालित होगा।
अनुसंधान केंद्र में मानव तस्करी, आतंकवाद, भ्रष्टाचार, आंतरिक सुरक्षा, फॉरेंसिक, फिंगर प्रिंट, सोशल मीडिया जैसे क्षेत्र में विशेषज्ञ रिसर्च कर ऐसी तकनीक का विकास करेंगे जिससे हर तरह के अपराध रोके जा सकें।
आईआईटी के प्रोफेसर संदीप शुक्ला ने कहा कि केंद्र डॉ. अरविंद वर्मा की देखरेख में काम करेगा। वह आईआईटी के पूर्व छात्र होने के साथ साथ पुलिस में 17 सालों तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वह इस प्रोजेक्ट से करीब एक साल से जुड़े हैं।
देश में यह अपनी तरह का पहला केन्द्र होगा जो अपराध का अध्ययन करने के लिए कैटेलिक टूल्स को विकसित करने के साथ-साथ संबंधित तकनीक के ज्ञान का संवर्धन करेगा। केंद्र अपराध विज्ञान, संगणक विज्ञान, गणित, भूगोल, अर्थशास्त्र, मनोविज्ञान, प्रबंधन, दर्शनशास्त्र एवं नीतिशास्त्र (लिंग,प्रजाति एवं नीतिशास्त्र अध्ययन पर विशेष प्रभाव के साथ) समस्त विषयों में कार्य करेगा। यह केन्द्र विशिष्ट विषयों पर पुलिस एवं सुरक्षा कर्मियों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन भी करेगा।