कानपुर। आईआईटी के स्टार्टअप इनोवेशन एंड इनक्यूबेशन सेंटर (एसआईआईसी) और रक्षा मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की इकाई ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल) की बैठक शुक्रवार को जीटी रोड स्थित मुख्यालय में हुई। इसमें रॉकेट लांचरों के लिए पैराशूट-पेलोड की सुरक्षित रिकवरी सुनिश्चित करने, संवेदनशील क्षेत्रों में संचार नियंत्रण के लिए पोर्टेबल मोबाइल जैमर बॉक्स और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए विशेष प्रयोजन बैग तैयार करने पर चर्चा की गई।
पूर्व में हुए एमओयू के तहत आयोजित बैठक का उद्देश्य स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा देना और नवाचार आधारित स्टार्टअप को प्रोत्साहित करना रहा। अधिकारियों ने बताया कि जीआईएल जल्द ही इन स्टार्टअप को बढ़ावा देने की दिशा में पैराशूट सिमुलेशन सुविधा, उन्नत पैराशूट निरीक्षण और परीक्षण सुविधा उपलब्ध कराएगा। जीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) एमसी बालासुब्रमण्यम ने स्टार्टअप से तकनीकी आत्मनिर्भरता में निभाई जाने वाली भूमिका पर जानकारी दी। एसआईआईसी के मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) पीयूष मिश्रा ने उद्योग और स्टार्टअप्स के बीच मजबूत साझेदारी की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में दोनों संस्थानों ने उत्पाद प्रोटोटाइपिंग, परीक्षण और व्यावसायीकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए उपयुक्त स्टार्टअप की पहचान पर सहमति व्यक्त की।