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फ्लाइट और जाम का रोड़ा, आईआईटी से मुंह मोड़ा

Thu, 09 Jul 2015 01:41 AM IST
अमर उजाला कानपुर
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हवाई नक्शे पर कानपुर का न होना, जाम और बेतरतीब ट्रैफिक के कारण आईआईटी में एडमिशन पाने वाले स्टूडेंट आईआईटी कानपुर आने से कतरा रहे हैं। इसी वजह से ज्वाइंट एंट्रेंस टेस्ट (जेईई) एडवांस 2015 के टॉप-1000 रैंक तक के स्टूडेंट की पसंद में आईआईटी कानपुर तीसरे स्थान पर है।
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18 आईआईटी और आईएसएम की लिस्ट में आईआईटी मुंबई पहले और आईआईटी दिल्ली दूसरे स्थान पर हैं। खास बात यह कि टॉपरों ने नई आईआईटी और आईएसएम धनबाद में भी एडमिशन की रुचि नहीं दिखाई है। टॉप-1000 रैंक के एक भी स्टूडेंट ने नई आईआईटी और आईएसएम धनबाद में एडमिशन का विकल्प लॉक नहीं किया है। इससे एक्सपर्ट हैरान हैं।
आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी और जीएफटी में एडमिशन की पहली मेरिट लिस्ट जारी कर दी गई है। इसमें शामिल स्टूडेंटों को 8-12 जुलाई के बीच एडमिशन लेना है। एडमिशन का विकल्प देने वाले टॉपरों की पसंदीदा आईआईटी की लिस्ट जारी कर दी गई है। इसके मुताबिक टॉपरों की पहली पसंद आईआईटी मुंबई है। वहां 515 स्टूडेंट ने एडमिशन की इच्छा जताई है। टॉपरों के विकल्प के मामले में आईआईटी दिल्ली दूसरे नंबर पर है। टॉप-1000 के 343 स्टूडेंट ने दिल्ली में एडमिशन का विकल्प दिया है। तीसरा नंबर आईआईटी कानपुर का है। कानपुर में एडमिशन के लिए अभी 249 स्टूडेंट ने विकल्प लॉक किया है। आईआईटी मद्रास चौथे नंबर पर है। यहां टॉप-1000 रैंक के 158 स्टूडेंट ने एडमिशन का विकल्प लॉक किया है।
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इन मेधावियों को अलग-अलग आईआईटी की सीटें आवंटित कर दी गई हैं। इन सभी ने बुधवार को रजिस्ट्रेशन करा लिया है। अब फीस जमा करके एडमिशन ले रहे हैं। बताते चलें कि इस बार देश की 18 आईआईटी और आईएसएम की दस हजार से ज्यादा सीटें भरी जानी हैं। इसके लिए पहले चरण की सीट आवंटित कर दी गई है। 12 जुलाई के बाद एडमिशन की दूसरी मेरिट लिस्ट आएगी।  


आईआईटी और एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट

आईआईटी     टॉप-100            टॉप-500            टॉप-1000

मुंबई                 65                    177                     273
दिल्ली               30                   119                    194
कानपुर              2                        75                     172
मद्रास                3                        52                      103
खड़गपुर            0                        51                        107
रुड़की                0                      23                         46
गुवाहाटी            0                        1                            43
हैदराबाद            0                        0                            20
बीएचयू            0                        0                             38
                         

 टॉपर्स ने इन प्रौद्योगिकी संस्थानों को नकारा
आईएसएम धनबाद, आईआईटी रोपड़, इंदौर, मंडी, गांधीनगर, भुवनेश्वर, जोधपुर, पटना, पलखड़ और और आईआईटी तिरुपति।


ये है बड़ी वजह
- नई आईआईटी में फैकल्टी की कमी, लैब, लाइब्रेरी और हॉस्टल की अच्छी सुविधा नहीं, इंफ्रास्ट्रक्चर दुरुस्त नहीं।  



एडमिशन से पहले स्टूडेंट शहर देखते हैं। अध्ययन करते हैं कि किस शहर की एयर कनेक्टिविटी (फ्लाइट की सुविधा) देश या विदेश के विभिन्न शहरों से अच्छी है। कैंपस प्लेसमेंट का अच्छा विकल्प मिलता है। इस मामले में मुंबई और दिल्ली बेस्ट हैं। वहां नेशनल, मल्टीनेशनल कंपनियां आकर प्लेसमेंट करती और बेहतरीन सैलरी पैकेज देती हैं। इसलिए टॉपरों की पहली पसंद मुंबई, दिल्ली है। एयर कनेक्टिविटी से कानपुर नहीं जुड़ा है। जिस कंपनी का प्रतिनिधि कानपुर आता है, उसे पहले लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट पर उतरना पड़ता है, फिर सड़क मार्ग से कानपुर आने का विकल्प मिलता है। इस बार के कैंपस प्लेसमेंट में कोरिया से आया दल जाम में फंस गया था। इसके बावजूद एडमिशन का तीसरा विकल्प मिलना बड़ी बात है।
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                                                        - प्रो. टी. सनमुगराज, चेयरमैन, आईआईटी कानपुर परिक्षेत्र
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