परिजनों ने गाइड की भूमिका पर उठाए थे सवाल
नोएडा निवासी अंकित ने जुलाई 2024 में संस्थान में शोध कार्य शुरू किया था। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के फेलोशिप प्रोग्राम के तहत अंकित को शोध कार्य का मौका मिला था। उनके परिजनों ने शोध गाइड की भूमिका पर सवाल उठाए थे।
गाइड छात्रों से सीधे संपर्क में नहीं रहेंगे
निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने तक लैब को बंद ही रखा जाएगा। शोध गाइड छात्रों से सीधे संपर्क में नहीं रहेंगे। उन्होंने माना कि प्रोफेसर के खिलाफ कई शिकायतें हैं, लेकिन अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।