शहरी क्षेत्र में बढ़ रहे दबाव एवं दुर्घटनाओं पर हुई चर्चा
तत्कालीन मंडलायुक्त ने इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। 20 जून 2018 को शासन में तत्कालीन मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें शहर के बीच से गुजर रहे राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) 91, एनएच-25 और एनएच-2 पर संचालित यातायात से शहरी क्षेत्र में बढ़ रहे दबाव एवं दुर्घटनाओं पर चर्चा हुई।
कमेटी ने उपयोगिता का आकलन किया
इसके मद्देनजर परियोजना की फंडिंग और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय से अनुरोध करने का निर्णय लिया गया। मंडलायुक्त की अध्यक्षता वाली कमेटी ने इसकी उपयोगिता का आकलन किया।
डीपीआर बनाने और धन दिलाने के लिए लिखा था पत्र
आईआईटी के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के तत्कालीन प्रोफेसर इनर रिंग रोड की डिजाइन को हरी झंडी दे चुके हैं। पिछले साल 8 अक्तूबर को पीडब्ल्यूडी के प्रमुख सचिव ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष संतोष यादव को इस महत्वपूर्ण योजना की डीपीआर बनाने और एनएचएआई से धन दिलाने के लिए पत्र लिखा था।
केंद्रीय मंत्री ने सहमति जताई
शुक्रवार (14 फरवरी) को नितिन गडकरी के शहर आगमन के दौरान सांसद रमेश अवस्थी ने उन्हें गंगा लिंक एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए पत्र दिया था। सांसद का दावा है कि केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए सहमति जताई और इसे आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
ऐसे बनेगी रिंग रोड
सीएसजेएम यूनिवर्सिटी के बगल में स्थित मकड़ीखेड़ा मार्ग से मैनावती मार्ग, गंगा बैराज पुल को पार करते हुए दाहिनी तरफ अर्द्धचंद्राकार आकार में घुमाव लेते हुए क्षतिग्रस्त पुराने गंगापुल से पहले झाड़ी बाबा पड़ाव की तरफ रोड उतरेगी।
कुछ ऐस होगा रिंग रोड का रूट
यहां से जुहारी देवी रोड, माल रोड, एक्सप्रेस रोड, घंटाघर, कोपरगंज, डिप्टी पड़ाव, जरीबचौकी, कालपी रोड होते हुए विजयनगर से दाहिने मुड़कर नमक फैक्ट्री चौराहा, आवास-विकास कालोनी, भारतीय दलहन अनुसंधान केंद्र होते हुए मकड़ीखेड़ा रोड से मिलेगी।