ऑक्सीजन गैस सिलेंडर लेने के लिए लगी लाइन
- फोटो : amar ujala
कोरोना काल में उत्तर प्रदेश में ऑक्सीजन की किल्लत से ज्यादा जमाखोरी, कालाबाजारी और ट्रांसपोर्टेशन की समस्या है। आईआईटी कानपुर द्वारा तैयार किया गया ऑक्सीजन ऑडिट एप इन कमियों को दूर करने में सहायक साबित होगा। यह दावा किया है आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने। इनकी ही देखरेख में यह एप तैयार किया गया है।
एप तैयार करने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना काल में ऑक्सीजन संकट उत्पन्न करने में निजी अस्पताल भी जाने-अनजाने भागीदार बन रहे हैं। वे अपने मरीजों के लिए ऑक्सीजन की जमाखोरी कर रहे हैँ, लेकिन इससे हजारों दूसरे जरूरतमंद वंचित रह जा रहे हैं। इसके प्रतिकूल परिणाम भी सबके सामने हैं।