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IIT Rape Case: ACP पर दर्ज दूसरे केस की जांच SIT को, डीजीपी ने मांगी रिपोर्ट…नहीं दर्ज हो सके छात्रा के बयान

Thu, 26 Dec 2024 06:21 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: जांच के बीच एसआईटी प्रमुख पूर्व डीसीपी साउथ अंकिता शर्मा का ट्रांसफर हो गया। इसके बाद मुख्य विवेचक अर्चना सिंह भी अवकाश पर चली गई। इस बीच छात्रा ने मोहसिन और उसके अधिवक्ता गौरव दीक्षित पर डराने धमकाने और सोशल मीडिया पर बदनाम करने के लिए पोस्ट करने का आरोप लगाते हुए दूसरी एफआईआर दर्ज करा दी।
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एसीपी मोहम्मद मोहसिन खान - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में पीएचडी छात्रा से यौन शोषण करने के आरोप में फंसे एसीपी मोहसिन खान के खिलाफ दर्ज दूसरे मामले की जांच भी एसआईटी को सौंप दी गई है। इसके साथ ही एसआईटी यौन शोषण के साथ-साथ सोशल मीडिया पर धमकाने और बदनाम करने के छात्रा के आरोपों की भी जांच करेगी। इसके साथ ही प्रदेश के डीजीपी ने मामले में कमिश्नरी के अधिकारियों से रिपोर्ट तलब कर ली है।

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छात्रा ने मंगलवार को ही शिकायती पत्र के साथ सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट से जुड़े साक्ष्य एसआईटी के सदस्यों को सौंपे थे। हालांकि एसआईटी की पर्यवेक्षक के ट्रांसफर और मुख्य विवेचक के अवकाश पर होने के चलते छात्रा के बयान दर्ज नहीं हो सके। बता दें, आईआईटी छात्रा के यौन शोषण के मामले में एसआईटी जांच कर रही थी।

सोशल मीडिया पर बदनाम करने का आरोप
जांच के बीच एसआईटी प्रमुख पूर्व डीसीपी साउथ अंकिता शर्मा का कासगंज ट्रांसफर हो गया। इसके बाद मुख्य विवेचक अर्चना सिंह भी अवकाश पर चली गई। इस बीच छात्रा ने मोहसिन और उसके अधिवक्ता गौरव दीक्षित पर डराने धमकाने और सोशल मीडिया पर बदनाम करने के लिए पोस्ट करने का आरोप लगाते हुए दूसरी एफआईआर दर्ज करा दी।

आरोपी एसीपी के खिलाफ जल्द कार्रवाई करें
छात्रा का कहना है कि विवेचक जल्द से जल्द उसके बयान दर्ज कर आरोपी एसीपी के खिलाफ कार्रवाई करें। डीसीपी पश्चिम राजेश सिंह का कहना है कि जल्द ही मामले में छात्रा का बयान दर्ज कर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगा रखी रोक
बता दें कि आईआईटी छात्रा से यौन शोषण के मामले में फंसे एसीपी मोहसिन खान की गिरफ्तारी और चार्जशीट दाखिल करने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है। वहीं, पीड़ित छात्रा का आरोप है कि आरोपी मोहसिन न तो जांच में शामिल हो रहा है और न ही पुलिस उस पर बयान दर्ज कराने के लिए जोर दे रही है।

एसीपी पर कार्रवाई नहीं की जा सकती
खानापूरी के लिए अब तक दो नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन जांच में शामिल न होने पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश की वजह से एसीपी पर कार्रवाई नहीं की जा सकती। अब पीड़िता ने मांग की है कि मोहसिन के उसे बदनाम करने की कोशिश करने की जानकारी कोर्ट को देकर गिरफ्तारी के आदेश लिए जाए।

छात्रा बोली- एसीपी की कारगुजारियों के बारे में कोर्ट में पक्ष रखेगी
पीड़िता ने कहा कि उसका करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। ऐसे में अगर पुलिस कोर्ट को सही जानकारी नहीं देगी, तो वह खुद एसीपी की कारगुजारियों के बारे में कोर्ट में पक्ष रखेगी। एसीपी कल्याणपुर अभिषेक पांडेय ने बताया कि पीड़िता से मिले साक्ष्यों व आरोपों की जांच कर आगे कार्रवाई की जाएगी।

यह था मामला
आईआईटी की पीएचडी छात्रा ने 12 दिसंबर को कलक्टरगंज में तैनात रहे पूर्व एसीपी मोहसिन खान पर शादी का झांसा देकर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद एसीपी को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है। 19 दिसंबर को हाईकोर्ट ने मोहसिन की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।

2023 को पहली बार एक कार्यक्रम में मिले थे दोनों
आईआईटी से पीएचडी कर रही छात्रा ने कल्याणपुर थाने में एसीपी मोहसिन खान पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि एसीपी उससे तीन दिसंबर 2023 को पहली बार एक कार्यक्रम में मिले थे। इसके बाद जून 2024 में उससे संपर्क किया और आईआईटी कानपुर में पीएचडी में प्रवेश के लिए मदद मांगी। 

शादी का वादा कर संबंध बनाया
इस पर उनकी मदद की और योग्यता के आधार पर उन्हें प्रवेश मिल गया। बाद में दोनों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध हो गए। इसी दौरान एसीपी ने अपनी पत्नी को तलाक देकर उससे शादी का वादा कर संबंध बनाया। एसीपी ने दर्ज एफआईआर को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की।
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मोहसिन शादीशुदा हैं, तब भी संबंध बनाए
याची के अधिवक्ता इरफान उल्ला व विनीत विक्रम ने दलील दी कि एफआईआर में छात्रा की ओर से लगाए गए आरोप झूठे हैं। उसे यह जानकारी थी कि मोहसिन शादीशुदा हैं, तब भी उसने मर्जी से संबंध बनाए। वह पढ़ी-लिखी हैं। उसका यह कहना कि झांसा देकर संबंध बनाया गया, समझ से परे है। न्यायालय ने पक्षों को सुनने के बाद एसीपी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
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