छात्रा ने मंगलवार को आलाधिकारियों से मिलकर इस संबंध में शिकायत की थी। साथ ही यौन शोषण की जांच कर रही एसआईटी के सदस्यों को कई साक्ष्य भी सौंपे थे। चूंकि यौन शोषण के मामले की जांच कर रही कानपुर पुलिस की शैली पर पहले ही सवाल उठ रहे हैं।
आनन-फानन रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश
इसी वजह से पीड़िता ने जब सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर बदनाम करने की शिकायत की, तो अफसरों ने आनन-फानन रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दे दिए। एफआईआर के बाद कल्याणपुर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। सूत्रों का कहना है कि एडीसीपी ट्रैफिक अर्चना सिंह के छुट्टी से वापस आते ही इस केस को ही एसआईटी को सौंपा जा सकता है।
गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगा रखी रोक
बता दें कि आईआईटी छात्रा से यौन शोषण के मामले में फंसे एसीपी मोहसिन खान की गिरफ्तारी और चार्जशीट दाखिल करने पर हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है। वहीं, पीड़ित छात्रा का आरोप है कि आरोपी मोहसिन न तो जांच में शामिल हो रहा है और न ही पुलिस उस पर बयान दर्ज कराने के लिए जोर दे रही है।
एसीपी पर कार्रवाई नहीं की जा सकती
खानापूरी के लिए अब तक दो नोटिस जारी किए गए हैं, लेकिन जांच में शामिल न होने पर कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, अधिकारियों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेश की वजह से एसीपी पर कार्रवाई नहीं की जा सकती। अब पीड़िता ने मांग की है कि मोहसिन के उसे बदनाम करने की कोशिश करने की जानकारी कोर्ट को देकर गिरफ्तारी के आदेश लिए जाए।
छात्रा बोली- एसीपी की कारगुजारियों के बारे में कोर्ट में पक्ष रखेगी
पीड़िता ने कहा कि उसका करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। ऐसे में अगर पुलिस कोर्ट को सही जानकारी नहीं देगी, तो वह खुद एसीपी की कारगुजारियों के बारे में कोर्ट में पक्ष रखेगी। एसीपी कल्याणपुर अभिषेक पांडेय ने बताया कि पीड़िता से मिले साक्ष्यों व आरोपों की जांच कर आगे कार्रवाई की जाएगी।
यह था मामला
आईआईटी की पीएचडी छात्रा ने 12 दिसंबर को कलक्टरगंज में तैनात रहे पूर्व एसीपी मोहसिन खान पर शादी का झांसा देकर यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद एसीपी को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई गई है। 19 दिसंबर को हाईकोर्ट ने मोहसिन की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी।
2023 को पहली बार एक कार्यक्रम में मिले थे दोनों
आईआईटी से पीएचडी कर रही छात्रा ने कल्याणपुर थाने में एसीपी मोहसिन खान पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि एसीपी उससे तीन दिसंबर 2023 को पहली बार एक कार्यक्रम में मिले थे। इसके बाद जून 2024 में उससे संपर्क किया और आईआईटी कानपुर में पीएचडी में प्रवेश के लिए मदद मांगी।
शादी का वादा कर संबंध बनाया
इस पर उनकी मदद की और योग्यता के आधार पर उन्हें प्रवेश मिल गया। बाद में दोनों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध हो गए। इसी दौरान एसीपी ने अपनी पत्नी को तलाक देकर उससे शादी का वादा कर संबंध बनाया। एसीपी ने दर्ज एफआईआर को रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग करते हुए याचिका दाखिल की।
मोहसिन शादीशुदा हैं, तब भी संबंध बनाए
याची के अधिवक्ता इरफान उल्ला व विनीत विक्रम ने दलील दी कि एफआईआर में छात्रा की ओर से लगाए गए आरोप झूठे हैं। उसे यह जानकारी थी कि मोहसिन शादीशुदा हैं, तब भी उसने मर्जी से संबंध बनाए। वह पढ़ी-लिखी हैं। उसका यह कहना कि झांसा देकर संबंध बनाया गया, समझ से परे है। न्यायालय ने पक्षों को सुनने के बाद एसीपी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।