आईआईटी कानपुर ने अपना यह रोबोट अक्तूबर अंत में बिठूर में लगाया था। जनवरी में इसे बाहर निकाल लिया गया। इसमें कई सेंसर लगे हैं, जो 7 पैरामीटर पर रिपोर्ट प्रस्तुत करते हैं।
रोबोट बनाने वाले संस्थान के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. बिशाख भट्टाचार्या ने दावा किया था कि पानी की जांच करने वाला रोबोट पहली बार भारत में बना है। बिठूर में मुख्य रोबोट लगाया गया था और अन्य रोबोट को जोड़ने की योजना थी, जो अभी धरातल पर आ गई है। प्रो. बिशाख ने बताया कि फिलहाल प्रोजेक्ट को रोका गया है। रोबोट को गंगा से बाहर निकाल लिया गया है।
रोबोट के कार्य
रोबोट को गंगा के पानी में विभिन्न केमिकल, बीओडी समेत अन्य कारकों की रिपोर्ट देनी होती है। साथ ही यह सौर ऊर्जा से चार्ज होता है। रोबोट में लगे सेंसर पानी में मिले बड़े मेटल व कणों को हटाकर पानी का डाटा उपलब्ध कराते हैं। ऐसे पानी का डाटा प्राप्त करना मुश्किल होता है।