मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) और आईआईटी कानपुर के साइंस एंड टेक्नोलॉजी रिसर्च पार्क का शिलान्यास बुधवार को होगा। इसी सिलसिले में मंत्रालय के सचिव विनयशील ओबेराय आईआईटी कैंपस आ रहे हैं। पार्क की मदद से बाहरी शैक्षिक, शोध संस्थान और कंपनियों को रिसर्च का प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाएगा। सभी सुविधा-संसाधनों के इस्तेमाल की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए हाईटेक व्यवस्था की जाएगी।
साइंस एंड टेक्नोलॉजी रिसर्च पार्क की स्थापना आईआईटी कानपुर कैंपस में होगी। इसके लिए मंत्रालय ने 70 करोड़ रुपये के बजट स्वीकृत कर दिए हैं। अब शिलान्यास होगा, फिर निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। निदेशक प्रो. इंद्रनील मन्ना ने बताया कि रिसर्च पार्क का सेटेलाइट सेंटर आईआईटी के नोएडा कैंपस में स्थापित किया जा सकता है। इसके प्रस्ताव बोर्ड ऑफ गवर्नर (बीओजी) की मीटिंग में रखे जाएंगे। गेल सहित सरकारी उपक्रम की कंपनियों ने सेटेलाइट रिसर्च पार्क से जुड़ने का भरोसा दिलाया है। नोएडा में आईआईटी का पांच एकड़ का एक्सटेंशन सेंटर है। निदेशक ने बताया कि पार्क में लैब, लाइब्रेरी, टेक्नोलॉजी और डेवलपमेंट से संबंधित हर वह सुविधा होगी, जो बड़ी कंपनियों के प्रोडक्ट रिसर्च में मददगार साबित हो सकती है। इसके जरिये प्रोडक्ट को समाज और लोगों तक पहुंचाया जाएगा। सिडबी की मदद से रिसर्च पार्क को उद्यमिता का बड़ा सेंटर बनाया जाएगा। जो सुविधाएं दी जाएंगी, उसके एवज में आईआईटी प्रशासन किराया भी वसूलेगा।
60 पेटेंट को मंजूरी
आईआईटी में रिसर्च और उसका पेटेंट कराने का चलन बढ़ा है। पिछले 10 सालों के दौरान आईआईटी की तरफ से 400 पेटेंट फाइल किए गए। इसमें से 60 को मंजूरी मिल चुकी है। पेटेंट का सर्टिफिकेट भी जारी हो गया। 340 मामले विचाराधीन हैं लेकिन रिसर्च का काम चल रहा है।