आईआईटी कानपुर में मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे मैकेनिकल ब्रांच के छात्रों का प्लेसमेंट में सबसे ज्यादा दबदबा रहा है। प्लेसमेंट के पिछले तीन सालों के रिकार्ड के अनुसार, मैकेनिकल बैक ग्राउंड के छात्रों ने सर्वाधिक नौकरी हासिल की है। वहीं, मार्केटिंग और एनालिटिक्स प्रोफाइल भी छात्रों की पहली पसंद रहा है।
आईआईटी कानपुर में मैनेजमेंट विभाग संचालित किया जा रहा है। कैट के स्कोर के आधार पर संस्थान में एमबीए में प्रवेश मिलता है। पिछले तीन सालों के प्लेसमेंट रिकार्ड के अनुसार मैकेनिकल ब्रांच के छात्रों ने सर्वाधिक प्लेसमेंट हासिल किया है। एमबीए विभाग के 2024 के प्लेसमेंट के आंकड़ों के अनुसार, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 35 फीसदी छात्रों को नौकरी मिली है। इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग के 22 फीसदी, आईटी-सीएस इंजीनियरिंग के 16 फीसदी और अन्य ब्रांचों के 27 फीसदी छात्रों को इस साल नौकरी मिली है।
हालांकि इंजीनियरिंग में मिलने वाले पैकेज के मुकाबले मैनेजमेंट छात्रों का पैकेज कम ही रहता है। पिछले तीन सालों में औसत और सर्वाधिक पैकेज में खासा अंतर नहीं रहा है। 2024 और 2023 में सर्वाधिक पैकेज 24 लाख और औसत पैकेज 18.20 लाख का रहा है जबकि 2022 में सर्वाधिक पैकेज 22 लाख और औसत पैकेज 16 लाख रहा है। मैनेजमेंट के प्लेसमेंट में छात्राओं की संख्या छात्रों से काफी पीछे है। 2024 में 89 फीसदी छात्र और 11 फीसदी छात्राओं को नौकरी मिली थी। वहीं, 2023 में 95 फीसदी छात्रों और पांच फीसदी छात्राओं और 2022 में 92 फीसदी छात्रों और 8 फीसदी छात्राओं को नौकरी मिली है।
इस साल इन क्षेत्रों में मिली नौकरी
एमबीए के 30 फीसदी छात्रों को एनालिटिक्स क्षेत्र में कंसलटेंट, डाटा साइंटिस्ट, नॉलेज एनालिस्ट, प्रोग्राम एसोसिएट समेत अन्य पदों पर नौकरी मिली। सात फीसदी छात्रों को आईटी कंसल्टिंग क्षेत्र में में स्ट्रैटिजी कंसलटेंट, एसोसिएट कंसलटेंट, बिजनेस एनालिस्ट, सॉल्यूशन एडवाइजर समेत अन्य पदों पर नौकरी मिली। 40 फीसदी छात्रों को मार्केटिंग क्षेत्र में, 13 फीसदी को फाइनेंस और 10 फीसदी छात्रों एचआर ऑपरेशन क्षेत्र में नौकरी मिली।
2023 में ऐसा रहा एमबीए छात्रों का प्लेसमेंट
| ब्रांच |
साल |
फीसदी |
| मैकेनिकल इंजीनियरिंग |
2023 |
35 फीसदी |
| इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग |
2023 |
14 फीसदी |
| आईटी-सीएस इंजीनियरिंग |
2023 |
24 फीसदी |
| अन्य |
2023 |
14 फीसदी |
2022 में ऐसी रही प्लेसमेंट की स्थिति
| ब्रांच |
साल |
फीसदी |
| मैकेनिकल इंजीनियरिंग |
2022 |
21 फीसदी |
| इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग |
2022 |
20 फीसदी |
| आईटी-सीएस इंजीनियरिंग |
2022 |
21 फीसदी |
| अन्य |
2022 |
25 फीसदी |