मानव संसाधन विकास मंत्रालय की एनआईआरएफ रैंकिंग के मैनेजमेंट वर्ग में आईआईटी कानपुर की रैंक लगातार गिर रही है। इस वर्ष आईआईटी कानपुर को 22वें स्थान पर रखा गया है, जबकि वर्ष 2018 में आईआईटी कानपुर 17वें स्थान पर था, और वर्ष 2017 में संस्थान को 11वां स्थान मिला था। प्रदेश में स्थित आईआईएम लखनऊ एनआईआरएफ रैंकिंग में चौथे स्थान पर है।
ये हैं टॉप 10 शैक्षिक संस्थान
1- आईआईटी मद्रास
2-आईआईएससी, बेंगलुरू
3-आईआईटी दिल्ली
4-आईआईटी बांबे
5-आईआईटी खड़गपुर
6-आईआईटी कानपुर
7-जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी
8-आईआईटी रुड़की
9-आईआईटी गुवाहाटी
10-बीएचयू
इंस्टीट्यूट में पिछले एक साल में कई बदलाव हुए हैं। इसका फायदा संस्थान को एनआईआरएफ रैकिंग में दिखा। संस्थान ने दुनियाभर में मौजूद अपने एल्युमनाई को जोड़ा। आईआईटी निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने खुद देश और दुनिया में मौजूद अपने पूर्व छात्रों से संपर्क किया और संस्थान की बेहतरी के लिए मदद मांगी। रिसर्च और इनोवेशन के कार्यों में भी जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। वैश्विक पैमाने पर आईआईटी की साख बढ़ी है। शिक्षकों की कमी को भी एक साल के अंदर दूर किया गया, जिससे शिक्षक-छात्र का अनुपात बेहतर हुआ है।
मुझे खुशी है कि संस्थान की रैकिंग में सुधार हुआ है। अब हमारी कोशिश है कि संस्थान की वर्ल्ड रैकिंग को बेहतर किया जाए। इसके लिए शिक्षकों और छात्रों को आगे बढ़कर काम करना होगा। सभी एकजुट होकर संस्थान की बेहतरी के लिए सोचेंगे तो यह भी मुमकिन होगा। संस्थान में शोध और इनोवेशन को अधिक बढ़ावा देने पर फोकस है और इंफ्रास्ट्रक्चर की तरक्की पर काम करेंगे।
प्रो. अभय करंदीकर, निदेशक, आईआईटी कानपुर