एमओयू पर साइन करते आईआईटी कानपुर और आईआईआईटी ऊना के निदेशक।
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कानपुर। उच्च शिक्षा में नवाचार, स्टार्टअप्स में अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आईआईटी कानपुर और आईआईआईटी ऊना के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत दोनों संस्थान में फैकल्टी एक्सचेंज से छात्रों को लाभ होगा। आईआईटी के निदेशक प्रो. मणींद्र अग्रवाल और आईआईआईटी ऊना के निदेशक प्रो. मनीष गौर ने शुक्रवार को समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए।
प्रो. मणींद्र अग्रवाल ने कहा कि इस साझेदारी से संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, स्टार्टअप इकोसिस्टम के विकास, प्रशिक्षण कार्यक्रम व अन्य अकादमिक गतिविधियों के संचालन, प्रयोगशालाओं व बुनियादी ढांचे की स्थापना तथा शैक्षणिक व अनुसंधान सुविधाओं की वृद्धि में मदद मिलेगी। दोनों संस्थान मिलकर अनुसंधान करेंगे, जिससे इंटरडिसिप्लिनरी में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।
प्रो. मनीष गौर ने कहा कि इस समझौते से स्टार्टअप्स और उद्यमिता को प्रोत्साहन मिलेगा, जिसमें इंक्यूबेशन, मेंटरशिप और नवाचार आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उच्चस्तरीय अनुसंधान और नवाचार क्षमताओं को मजबूती मिलेगी। स्टार्टअप विकास के मार्ग खुलेंगे और समग्र अकादमिक उन्नति को बढ़ावा मिलेगा। इस मौके पर आईआईटी के अनुसंधान एवं विकास के कार्यवाहक डीन प्रो. कुमार वैभव श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।