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Kanpur News: आईआईटी और पुलिस घर से गई किशोरी-युवतियों को दिखाएगी राह

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कानपुर। घर छोड़ने वाली किशोरी, युवती और महिलाओं के साथ होने वाले अपराध को कम करने के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एडीजी जोन कार्यालय में गुरुवार को त्रिपक्षीय करार हुआ। कानपुर देहात पुलिस ने आईआईटी कानपुर और क्यूट ब्रेन प्राइवेट लिमिटेड के साथ एमओयू साइन किया है। तीनों मिलकर किशोरियों और युवतियों को भविष्य की राह दिखाएंगे। उनकी मॉनीटरिंग और काउंसलिंग की जाएगी। पुलिस जागरूकता अभियान चलाएगी।
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एडीजी जोन अनुपम कुलश्रेष्ठ ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घर छोड़ने वाली किशोरी युवतियों, महिलाओं के मूल कारण जानने और उनपर काम करने के निर्देश दिए थे। आईआईटी कानपुर के डिप्टी डायरेक्टर ब्रिज भूषण से संपर्क किया गया। कानपुर देहात पुलिस के डेटा का आईआईटी के विशेषज्ञों ने विश्लेषण किया, जिसमें शहरी क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्र, उम्र और अन्य डेटा शामिल रहा। विशेषज्ञों की रिपोर्ट पर एमओयू साइन हुआ। कानपुर देहात की पुलिस ने 297 ऐसी किशोरी, युवतियों और महिलाओं की रिपोर्ट दी थी, जो बिना बताए घर से कहीं चली गई थीं।
इसमें सामने आया कि 13-15 वर्ष की जो किशोरियां घर से गई थीं, उनका मुख्य कारण गुस्सा और खतरे का अनुमान न होना था। जबकि 15-25 वर्ष की युवतियों में बेहतर जीवन जीने की लालसा और परिणामों का आकलन न कर पाना कारण रहा। वहीं 25 वर्ष से ऊपर की युवती और महिलाएं घरेलू हिंसा और डांट के चलते निकल गईं। हालांकि जब उन्हें तलाशा गया तो उनके साथ अपराध हो चुका था। पुलिस महानिरीक्षक झांसी जोन आकाश कुलहरी, पुलिस उप महानिरीक्षक कानपुर जोन यमुना प्रसाद, एसपी कानपुर देहात श्रद्धा नरेंद्र पांडेय आदि मौजूद रहीं।
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सालभर साथ में करेंगे काम
एडीजी ने बताया आईआईटी के रिसर्च एंड डेवलपमेंट के डीन प्रो. जयनधरन जी राव और उनकी टीम के साथ पुलिस एक साल तक पीड़िताओं के साथ काम करेगी। इसमें आईआईटी के स्टार्टअप क्यूट ब्रेन प्रालि का भी साथ लिया जाएगा। इससे जनता के प्रति पुलिस का नजरिया भी बदलेगा। गुस्सा या प्रेम प्रसंग में घर छोड़ने वाली किशोरी और युवतियों के लिए कुछ हल्के संदेश और दिमागी स्तर को बढ़ाने वाली कार्यशालाएं होंगी। झगड़ा या विवाहेत्तर संबंधों के चलते घर छोड़ने वाली महिलाओं की गोपनीय कार्यशाला के साथ ही उन्हें जिम्मेदार बनाने पर काम होगा।
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