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भूलकर भी अनजान कॉल, मैसेज का न दें जवाब, बैंक व एटीएम ठगी का ये नया तरीका भी जान लें

Thu, 10 Jan 2019 10:46 PM IST
Ravi Mishra यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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साइबर हैकर आपकी जरा सी लापरवाही का फायदा उठाकर आपको चपत लगा सकते हैं। इसलिए अगर किसी अनजान नंबर से मैसेज या फोन आए तो उसे जवाब न दें। एक मैसेज के जवाब से हैकर मोबाइल से लेकर आपके बैंक एकाउंट तक की जानकारी हैक कर सकते हैं। इनके झांसे में फंसकर अपने एटीएम कार्ड या फिर कोई अन्य गोपनीय जानकारी न दें।
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फेसबुक जैसी सोशल साइट्स पर भी सोच-समझकर दोस्त बनाएं, नहीं तो आप ब्लैकमेलिंग के शिकार हो सकते हैं। बुधवार को दिल्ली के साइबर एक्सपर्ट अमित दुबे ने ये जानकारी दी। वह पुलिस विभाग की तरफ से  कानपुर भौंती स्थित पीएसआईटी में साइबर अपराध कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। इसमें एडीजी अविनाश चंद्र, आईजी आलोक सिंह, एसएसपी अनंत देव समेत अन्य पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।

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ऑफर के लालच में न फंसे 

अमित ने बताया कि सोशल साइट्स पर तरह-तरह के विज्ञापन के लिंक  डिस्प्ले करते हैं। इसमें अधिकतर किसी उत्पाद पर विशेष ऑफर या भारी छूट का दावा करते हैं। इनमें से अधिकतर विज्ञापन साइबर ठग प्रसारित करते हैं। लिंक पर क्लिक करने भर से यूजर का पूरा डाटा ट्रांसफर हो जाता है। इस डाटा से हैकर आर्थिक के अलावा अन्य तरह के नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।

गूगल प्ले से ही डाउनलोड करें एप

साइबर एक्सपर्ट्स ने बताया कि गूगल प्ले स्टोर पर वेरीफाइड एप उपलब्ध होते हैं। इसलिए कोई भी एप इसी से डाउनलोड करें। अलग-अलग लिंक व वेबसाइट्स पर भी एप उपलब्ध होते हैं लेकिन ये वेरीफाइड नहीं होते है।

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मोबाइल, लैपटॉप अपडेट रखना जरूरी 

आईआईटी कानपुर के साइबर एक्सपर्ट आनंद हांडा ने बताया कि आमतौर पर लोग कंप्यूटर व लैपटॉप पर पुराने ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करते रहते हैं। उसे अपडेट नहीं करते। यही हाल मोबाइल का है। लेकिन समय-समय पर जब भी मोबाइल या सिस्टम अपडेट मांगे तो उसे जरूर करें। इससे डिवाइस सुरक्षित रहेगी। कहा कि  साइबर कैफे में पेन ड्राइव लगाने से बचे। कंप्यूटर और लैपटॉप में एंटी वायरस का इस्तेमाल जरूर करें।

नोटबंदी के बाद 40 फीसदी बढ़ा साइबर क्राइम 

साइबर अपराध के जानकार ईशान शर्मा ने बताया कि नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद से साइबर क्राइम के ग्राफ में 40 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। आर्थिक साइबर क्राइम की घटनाओं में बढ़ोत्तरी होने की वजह से ये आंकड़ा बढ़ा। जरूरी हो गया है कि एटीएम, नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग का इस्तेमाल करते वक्त सावधानी बरतें। इनके पासवर्ड एक साथ न रखें और समय-समय पर इन्हें बदलते रहें।
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लोगों में जागरुकता जरूरी 

साइबर एक्सपर्ट और औरैया के एसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह ने कहा कि आमतौर पर अधिकतर ऐसे मामले आते हैं, जिनमें साइबर ठग फोन कर ग्राहक से बैंक खाता संबंधी जानकारी झांसा देकर पूछ लेते और फिर खाते से पैसे पार कर देते हैं। इसलिए साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए लोगों का जागरूक होना बेहद जरूरी है।

वाई-फाई हैक कर पता कर लेते हैं लोकेशन 

जानकारों ने यूके की एक घटना का उदाहरण करते हुए बताया कि साइबर ठगों ने एक घर का वाई-फाई हैक कर लिया था। उसके बाद उसने युवक को फोन कर धमकी दी कि उसका बेटा उनके कब्जे में है, तुरंत रकम ट्रांसफर करो। शुरुआत में युवक को यकीन नहीं हुआ तो ठग उसकी लोकेशन बताता है। यह सुनकर वह हैरान रह जाता है और फिर फिरौती की रकम दे देता है। एक्सपर्ट के मुताबिक, वाई-फाई के सिग्नल आसानी से ट्रैक हो जाते और लोकेशन का पता लगाया जा सकता है। इसलिए वाई-फाई का पासवर्ड भी समय-समय पर बदलते रहें।

फ्रॉड की रिपोर्ट दर्ज कराना जरूरी 

जानकारों ने बताया कि सरकार ने हाल में एक आदेश दिया है। इसके तहत बैंकिंग के ऑनलाइन फ्रॉड में बैंक को 24 घंटे के भीतर रकम चुकानी होगी। ऐसे में अगर किसी के साथ ऑनलाइन ठगी हो तो पुलिस व बैंक में रिपोर्ट जरूर करेंगे। पिछले साल के आंकड़ों के मुताबिक, केवल तीन फीसदी मामलों में ही रिपोर्ट दर्ज की गई। इस वजह से साइबर क्राइम पर शिकंजा कसने में दिक्कत आई है।
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