प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वर्ष 2011 में हुई आर्थिक व जातिगत जनगणना के आधार पर पात्रों की सूची तैयार की जा रही है। इसमें 13 पैरामीटर्स हैं। उसमें कोई भी एक सुविधा से लैस होने पर परिवार इस योजना से स्वत: बाहर हो जाएगा।
बांदाः मछली पकड़ने की नाव भी प्रधानमंत्री आवास योजना में आड़े आएगी। इसके अलावा कोई वाहन, पक्की दीवारों वाला मकान, फ्रिज भी आवास हासिल करने में रोड़ा बन जाएगा। शासन ने लाभार्थियों के मानक का जो ‘पैरामीटर’ तय किया है उसके तहत उपरोक्त सुविधाओं से लैस लोग ‘स्वत: बर्हिवेशन’ के तहत योजना से बाहर हो जाएंगे।
डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों का सत्यापन करने वाले अधिकारियों को जारी आदेश में कहा है कि छूटे हुए पात्र लाभार्थियों की जो सूची ग्राम पंचायतों द्वारा तैयार की गई है उनकी संख्या देखते हुए ऐसा लगता है कि सूचियों की तैयारी मात्र सरसरी तौर पर की गई है। जबकि यह सूची योजना की गाइड लाइन के तहत बननी चाहिए थी।
स्वत: बर्हिवेशन के तहत पक्की दीवारों वाले और पक्की छत वाले मकान, दो से अधिक कमरों वाले मकान होने पर योजना से स्वत: बाहर होंगे। दोपहिया, तिपहिया, चार पहिया वाहन या चौपहिया कृषि उपकरण होने पर भी योजना का लाभ हीं मिलेगा।
मछली पकड़ने वाली नाव और 50 हजार रुपये या इससे अधिक का क्रेडिट कार्ड रखने वाले किसान भी अपात्र होंगे। जिस परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकर है या कोई सदस्य 10 हजार रुपये प्रतिमाह कमा रहा है उन्हें भी इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। व्यवसायी, आयकरदाता, फ्रिज रखने वाले परिवार भी प्रधानमंत्री आवास योजना के दायरे में नहीं आएंगे।
डीएम ने मुख्य सचिव के पत्र का हवाला देकर कहा है कि जनगणना में निर्धारित पैरामीटर्स के आधार पर ग्राम पंचायतवार सूचियों का सत्यापन कराया जाए। रेंडम सत्यापन भी हो। 29 नवंबर तक परियोजना निदेशक को रिपोर्ट पेश की जाए।