हलीम मुस्लिम इंटर कॉलेज में कुरानिक क्लासेज (कुरान के अनुवाद का प्रशिक्षण) की सफल छात्राओं को पुरस्कृत करने पहुंचे आईजी आशुतोष पांडेय ने कहा कि जिस शहर में महिलाएं बाजार में नजर आएं तो समझें कि वहां के हालात ठीक हैं।
उन्होंने मुजफ्फरनगर दंगे के बाद बने हालातों का उदाहरण भी दिया। कहा कि वह दंगे के बाद प्रभावित क्षेत्र का जायजा लेने पहुंचे थे। किसी को पता नहीं था कि हालात कैसे हैं, लेकिन जब महिलाएं बाजार में नजर आने लगीं तो हालात सामान्य होने का एहसास हुआ।
आईजी ने कहा कि घर, परिवार, बच्चों, पति समेत सभी की जिम्मेदारी महिलाओं पर होती है। कहा कि उन्हें इस्लाम में जकात का फर्ज (गरीबों को दान) सबसे अच्छा लगता है। कार्यक्रम में 160 छात्राओं को इनाम और प्रमाण पत्र दिए गए।
इस मौके पर मुस्लिम एसोसिएशन के नव मनोनीत चेयरमैन पद्मश्री इरशाद मिर्जा ने कहा कि वह हलीम शिक्षण संस्थानों की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। कर्नल जाहिद सिद्दीकी ने कहा कि कुरान पाक पर यह कार्यक्रम बहुत अच्छा है। सपा विधायक इरफान सोलंकी ने मां-बाप को तालीमयाफ्ता होने की अपील की।
कहा कि वालिदैन शिक्षित होंगे तो बच्चों को शिक्षा की प्रेरणा देंगे और बेहतर समाज का निर्माण होगा। उन्होंने अपनी निधि से संस्थानों में काम कराने को कहा। एसोसिएशन के महामंत्री हाजी अब्दुल हसीब ने बताया कि कुरानिक क्लासेज में कुरान का अर्थ समझाया जाता है।
अगर इसे समझकर पढ़ा जाए तो जिंदगी के हर मोर्चे पर सफलता हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आईजी को प्रमोट होने तक यहीं रहना चाहिए। संचालन शारिक अल्वी और शारिक नक्शबंदी ने किया।
इस दौरान हाजी मोेहम्मद सलीस, असलम नोमान, मुशीर लारी, मुस्तफा तारिक, इरफान अंसारी, मोहम्मद दानिश, मोहम्मद सायम, मुमताज सिद्दीकी, रियाजुद्दीन सिद्दीकी मौजूद रहे।