कानपुर। मुकद्दस रमजानुल मुबारक का चांद सोमवार को देखने के लिए शहरकाजियों ने अपील की है। शाम को चांद की तस्दीक होते ही इशा की नमाज के बाद तरावीह का सिलसिला शुरू हो जाएगा। रमजान के लिए शहर की सभी मस्जिदों में तैयारी पूरी हो गई है। तरावीह पढ़ाने के लिए मस्जिदों में हाफिज भी पहुंच गए हैं। मस्जिदों के अलावा लोगों के घरों और फैक्ट्रियों में भी तरावीह के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं।
सुन्नी मरकजी रुइय्यते हिलाल कमेटी के अध्यक्ष व शहरकाजी मौलाना आलम रजा खां नूरी ने सभी लोगों से रमजान का चांद देखने की अपील की है। कमेटी के महासचिव मौलाना सगीर आलम ने बताया कि कमेटी की बैठक शाम को मोहकमा दारुल कजा की बैठक होगी। इसमें चांद की तस्दीक का एलान किया जाएगा।
मरकजी रुइयते हिलाल कमेटी के सदर व शहर मुफ्ती मंजूर अहमद मजाहिरी और मौलाना मुहम्मद मतीनुल हक ओसामा ने भी लोगों को 29 शाबान यानी छह जून को रमजान का चांद देखने की अपील की है। नायब शहरकाजी मौलाना मामूर अहमद ने बताया कि मगरिब की नमाज के बाद पीली मस्जिद में बैठक होगी। इसमें रमजान के चांद का एलान किया जाएगा। रमजान के महीने में चांद देखने के बाद ही तरावीह की नमाज शुरू होती है। यह सिलसिला ईद का चांद दिखने तक चलता है। तरावीह में हाफिज कुरान का पाठ करते हैं और नमाजी उनके पीछे नियत बांधकर सुनते हैं।
दादामियां दरगाह के नायब सज्जादानशीन सैयद अबुल बरकात नजमी ने बताया कि रमजान का महीना बहुत की मुकद्दस है। इस महीने में रोजेदार नफ्स पर नियंत्रण करता है। रोजा पोशीदा इबादत है। रोजे में सिर्फ रोजेदार भूखा, प्यासा ही नहीं रहता है बल्कि हर बुराई से वह महफूज रहता है। रमजान के इस्तकबाल के लिए सभी लोग तैयार हैं।