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Kanpur News: बिजली निगम का निजीकरण हुआ तो सड़क से संसद तक होगा आंदोलन

Wed, 08 Jan 2025 12:50 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। बिजली निगम के निजीकरण प्रस्ताव का भारतीय किसान यूनियन की ओर से विरोध कर मंगलवार को कलक्ट्रेट में धरना दिया। नेताओं ने कहा कि निजीकरण हुआ तो सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन होगा। बाद में राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा।
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भाकियू टिकैत जिलाध्यक्ष हुकम सिंह प्रधान की अध्यक्षता में धरना प्रदर्शन हुआ। मुख्य अतिथि प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी रमेश सिंह यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 25 नवंबर 2024 को दक्षिणांचल व पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को निजी हाथों में देने का फैसला लिया है। पांच प्राइवेट कंपनियां बिजली आपूर्ति करेंगी। इससे महंगी बिजली मिलेगी। जिलाध्यक्ष हुकम सिंह प्रधान ने कहा कि दोनों विद्युत निगम से जुड़े 42 जिलों में कुल संपत्ति की कीमत मात्र 1500 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि सरकारी ऑडिट के अनुसार 5 लाख करोड़ रुपये की संपत्तियां हैं।
आरोप लगाया कि करोड़ों की संपत्ति प्राइवेट कंपनियों को कौड़ियों के भाव में बेची जा रही है। इसका भारतीय किसान यूनियन विरोध करता है। यदि निजीकरण टाला नहीं गया तो विरोध सड़क से लेकर संसद तक किया जाएगा। जिला प्रवक्ता कृपाल सिंह ने कहा कि जिले में खाद, नहर से पानी और छुट्टा मवेशियों की समस्या हल नहीं हो पा रही है। प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी रमेश सिंह ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी दी जाए। यहां जिला महासचिव घनश्याम, उपाध्यक्ष प्रमोद शुक्ला, विश्राम सिंह, महेंद्र सिंह, जयचंद्र सिंह, श्याम सिंह, बृजेंद्र सिंह, श्रीबाबू बुंदेला, रणवीर सिंह, कुमार रब्बानी खान, मधु राजपूत आदि रहे।
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