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जीपीएस अनिवार्य हुआ तो हड़ताल रहेगी जारी...

Sun, 17 Sep 2017 08:15 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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ट्रैफिक पुलिस ने हाल में सीपीसी माल गोदाम के ट्रकों की निगरानी के लिए एक नया आदेश जारी किया है कि ट्रकों के ऑनलाइन नो एंट्री पास तभी बनेंगे जब ट्रकों में जीपीएस लगेगा। बिना किसी शासनादेश  और बिना किसी मॉनिटरिंग सिस्टम के यह आदेश ट्रक ऑपरेटर्स पर थोप दिया गया। ट्रक ऑपरेटरों ने इसके विरोध का बिगुल फूंक दिया है। 
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शनिवार को सीपीसी माल गोदाम में मालगाड़ियों से आने वाले सामान को नहीं उतारा गया। इस कारण माल गोदाम में मालगाड़ियों की लाइन लग गई। करोड़ों का माल अनलोड नहीं किया गया। 700 ट्रकों के पहिए भी जाम रहे। यदि विरोध आगे भी चला तो मालगाड़ियों के संचालन पर इसका असर पड़ सकता है। इससे सेंट्रल स्टेशन पर ट्रेनों के आवागमन पर भी असर पड़ेगा और बाजारों में जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित होगी।

दरअसल, ट्रक ऑपरेटरों ने ट्रकों में जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) लगाने का विरोध किया है। ट्रक ऑपरेटरों का कहना है कि बिना शासनादेश के ट्रैफिक पुलिस ने ऑनलाइन नो इंट्री पास की व्यवस्था की है, और शर्त भी रखी है कि जिस ट्रक में जीपीएस लगा होगा उसी को नो इंट्री पास दिया जाएगा। ट्रक ऑपरेटरों ने ट्रैफिक पुलिस पर बिना शासन आदेश के अपनी व्यवस्था लागू करने का आरोप लगाया। उनका कहना है बिना मॉनिट्रिंग सिस्टम के ही ट्रैफिक पुलिस ट्रकों में जीपीएस लगवाने में तुली है।
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नो इंट्री में खाद, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई के लिए पास जारी होते हैं। पहले मैनुअल होते थे लेकिन ट्रैफिक पुलिस ने अब इसे ऑनलाइन कर दिया है। ऐसे में आम ट्रक वाले भी इसका दुरुपयोग कर सकते हैं। ट्रक मालिकों का कहना है कि मंदी के समय उन पर खर्च का अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है। जब ट्रैफिक विभाग के आला अफसर से पूछा गया कि ऐसा क्यों हुआ तो उन्होंने कहा कि यह ट्रक ऑपरेटर्स की भलाई के लिए है। 
 
 
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डेमो पिक - फोटो : अमर उजाला
700 ट्रकों के थमे रहे पहिए
सीपीसी माल गोदाम से ट्रकों की आवाजाही शनिवार को पूरी तरह बंद रही। मालगाड़ी पर लदी सीमेंट, अनाज, मटर और खाद नहीं उतारी गई। इससे करीब 700 ट्रकों से मालगाड़ी में लदे माल की ढुलाई नहीं हो सकी। माल न पहुंचने पर थोक व्यापारी भी घंटाघर के पास सीपीसी माल गोदाम पहुंचे। इस मामले में हुई बैठक में कहा गया कि उनके ट्रक  शहर में 10 से 15 किलोमीटर के क्षेत्र में चलते हैं। उन्हें जीपीएसी की जरूरत नहीं है। इसके बाद वे लोग एसपी ट्रैफिक से मिले।   ट्रक मालिकों का कहना
ट्रक मालिकों का कहना है कि वह लोग रेलवे माल गोदाम से माल की ढुलाई शहरी क्षेत्र में करते हैं। पनकी, दादानगर, फजलगंज समेत शहर में 10-15 किलोमीटर के क्षेत्र में ही माल की ढुलाई होती है। जीपीएस उन ट्रकों के लिए होता है, जो लंबी दूरी तय करते हैं। इनके गायब होने या किसी अन्य की जानकारी जीपीएस से मिल जाती है। वहीं ऑनलाइन नो इंट्री पास  की व्यवस्था से  वह ट्रक मालिक भी पास हासिल कर लेंगे, जो आवश्यक सेवाओं में नहीं लगे हैं। अभी रेलवे माल गोदाम से वह लोग सुबह नौ से 11 बजे और शाम पांच से रात नौ बजे तक ट्रक नहीं निकालते हैं। उन्हें दोपहर में 11 बजे से शाम पांच बजे तक ही माल ढुलाई की अनुमति है। इसके बावजूद अगर इस संबंध में कोई शासन आदेश होता तो पालन किया जाता। यह व्यवस्था सिर्फ कानपुर में की जा रही है।


‘ ऐसा कोई शासनादेश नहीं आया है, पर यह ट्रक ऑपरेटरों की भलाई के लिए ही है, ट्रकों को ऑनलाइन नो इंट्री पास जारी करने और कहीं भी ट्रकों के फंसे होने की सूचना पुलिस और ट्रक मालिक को भी मिलेगी। 15 सितंबर तक जीपीएस लगवाने को ट्रक मालिकों ने वादा किया था। एक बार फिर ट्रक वालों के साथ बैठक की जाएगी। ’
- सुशील कुमार, एसपी ट्रैफिक




- सीपीसी मालगोदाम से ढुलाई ठप की, खड़ी रहीं मालगाड़ियां
- 700 ट्रकों से नहीं हुई ढुलाई, ट्रक ऑपरेटर्स ने किया विरोध
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