कानपुर के लोग जड़ी-बूटियों को पहचानकर और उनके उपयोग जानकर महामारी काल में भी अपने को स्वस्थ रख सकते हैं। घर की बालकनी या लॉन में औषधीय महत्व के सुंदर दिखने वाले पौधे लगाकर हर्बल किचन गार्डन तैयार कर सकते हैं।
मौसमी बीमारियों और रोग काल में इनका प्रयोग करके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ा सकते हैं। पूर्व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. अनिल कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि जल्द ही आयुर्वेदिक शिविर शृंखला शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से छात्र-छात्राओं में आयुर्वेद के प्रति जागरुकता और संस्कार पैदा किए जाएंगे।
अशोक नगर स्थित रायश्री आयुर्वेदा में आयुर्वेद विशेषज्ञों की बैठक हुई। इसमें शिविर शृंखला के संबंध में चर्चा हुई। पूर्व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. चतुर्वेदी, डॉ. मनीष यादव, जड़ी-बूटी विशेषज्ञ राजेश शुक्ला और डॉ. सैयद सरफराज हुसैन और डॉ. सिद्धार्थ मित्तल ने बताया कि इस जाड़े में खांसी, जुकाम, फ्लू आदि मौसमी बीमारियां तो आईं लेकिन कोरोना काल की वजह से लोगों ने काढ़े का इस्तेमाल किया। इसकी वजह से कफ सिरप की नौबत नर्हीं आई। बैठक में डॉ. विजयपाल सिंह कटियार, डॉ. सुरेश मिश्र, डॉ. अशोक पांडेय, डॉ. राजेश कटियार आदि रहे।