इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (आईआरआईए) मां की कोख में और बच्चे के पैदा होने के बाद उनकी जटिलताओं की पहचान करेगा। अगर बच्चे को कोई दिक्कत होगी तो उसका इलाज करके दूर किया जा सकेगा।
यह बात सीनियर रेडियोलॉजिस्ट डॉ. अखिलेश शर्मा ने बताई। डॉ. शर्मा हाल में एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने हैं। उन्होंने चेन्नई जाकर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का कार्यभार ग्रहण किया है। शनिवार को डॉ. अखिलेश शर्मा ने स्वरूपनगर में पत्रकारों को बताया कि एसोसिएशन के मार्ग दर्शन में कार्यक्रम तय किए गए हैं।
महिला विंग शक्ति का गठन किया गया है। यह समाज में शैक्षणिक, सामाजिक और दूसरे मुद्दों पर महिलाओं के उत्थान और उनके योगदान के प्रति कार्य करेगा। वहीं रक्षा कमेटी बच्चियों को जागरूक करने का काम करेंगी। एसोसिएशन की व्यापारिक कमेटी उपकरण बनाने वाली कंपनियों और एसोसिएशन के बीच समन्वय बनाएगी। डॉ. शर्मा इस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक हैं। उन्होंने बताया कि रेडियोलॉजी के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर काम किया जाएगा। डॉ. शर्मा का कहना है कि कोरोना की जांच में सीटी स्कैन का बहुत योगदान रहा है।