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साेशल मीडिया पर वायरल हुई थी लड़की की फोटो, जब खुली सच्चाई तो पुलिस के भी होश उड़ गए

Wed, 06 Feb 2019 12:51 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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तीन साल पहले घर से लापता हुई एक युवती की पहचान उसके परिजनों ने सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक फोटो से की। जब परिजनों ने पुलिस के पास पहुंच कर पूरी घटना बताई तो पुलिस के भी होश उड़ गए। पुलिस अब इस मामले की जांच नए सिरे से शुरु कर रही है। 
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बांदा जिले की सीमा दतौली में यमुना नदी पुल के नीचे मिले महिला के शव की शिनाख्त के बाद अब हत्या का शक लगभग पुख्ता हो गया है। महिला तीन साल से लापता थी। उसके हाथ में रुचि नाम गुदा होने से पहचान हे सकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार विसरा रखा गया है, लेकिन पुलिस अब नए सिरे से जांच कर रही है।

 

दतौली यमुना पुल के नीचे शनिवार को शव मिला था। शिनाख्त न होने पर पुलिस ने सोमवार को पोस्टमार्टम कराया। सोशल मीडिया पर वायरल हुई फोटो काम आई। मलवां के बरमतपुर गांव निवासी ननका (मलवां थाने के चौकीदार) मंगलवार को ललौली थाने पहुंचे।

उन्होंने फोटो के जरिये शव की पहचान भाई जागेश्वर की बेटी रुचि के रूप में की। ननका ने बताया कि 2017 के मार्च महीने से रुचि लापता थी। उसके साथ गांव की एक लड़की भी गायब हुई थी, लेकिन वह तीन माह बाद मिल गई थी। दूसरी लड़की के लौटने पर रुचि के अहमदाबाद में होने का पता लगा था।

रुचि बालिग थी इसलिए बेटी को सुरक्षित होना मानकर उन लोगों कोई कार्रवाई नहीं की। रुचि को बिंदकी क्षेत्र के एक गांव का लड़का ले गया था। लड़का अहमदाबाद में काम करता हैं। एक फरवरी को एक लड़के का तिलक समारोह था। उसी अवसर पर बिंदकी का युवक रुचि को लेकर समारोह में शामिल होने आया था।
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परिजनों का आरोप है कि तिलक समारोह के बाद रुचि की हत्या कर शव को दतौली पुल से फेंक दिया गया है। आरोपियों की बदकिस्मती से नदी के बजाय शव नदी किनारे रेत में गिरा। अब पुलिस नए सिरे से छानबीन कर रही है। एसओ राजेश मौर्या का कहना है कि तहरीर मांगी गई है। जल्द ही सच सामने आएगा। 

दतौली पुल के नीचे से शव बरामदगी के वक्त रुचि के गले में नाखून की चोट स्पष्ट पुलिस को दिखाई दिए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गले की चोट होना सामने नहीं आया। उसके सिर व चेहरे पर हल्की खरोंच के निशान जरूर पाए गए। दरअसल पोस्टमार्टम हाउस में फ्रीजर का इंतजाम नहीं है।

शव को तीन दिन तक पहचान के लिए रोका जाता है। शव पुराना होने के कारण बाहरी स्किन गहरे काले रंग में बदल जाते है और खिंचाव होने से सतह को छोड़ती है। इन हालातों में स्किन की ऊपरी सतह में हटने से सामान्य चोटें खत्म होना माना जा सकता है। 
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