उन्मादी तकरीरों से जुड़े वीडियो वायरल होने के बाद विवादों से घिरे वरिष्ठ आईएएस मोहम्मद इफ्तिखारुद्दीन को एसआईटी ने नोटिस भेजकर बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है। नोटिस उनके दफ्तर और आवास दोनों जगह भेजा गया है।
उन्हें मंगलवार शाम पांच बजे तक लखनऊ स्थित सीबीसीआईडी दफ्तर पहुंचकर बयान दर्ज कराना होगा। बयान दर्ज न कराने की स्थिति में भी एसआईटी जांच पूरी कर एक-दो दिन में रिपोर्ट शासन को सौंप देगी। आईएएस इफ्तिखारुद्दीन कानपुर में मंडलायुक्त के पद पर रहते हुए सरकारी आवास पर तकरीरें और धर्मांतरण संबंधी किस्सों के वीडियो वायरल के मामले में फंसे हैं।
शासन के निर्देश पर डीजी सीबीसीआईडी जीएल मीणा की अगुवाई में गठित एसआईटी मामले की जांच कर रही है। टीम के सदस्यों में एडीजी कानपुर जोन भानु भास्कर समेत सीबीसीआईडी के एक एएसपी, इंस्पेक्टर और दरोगा भी शामिल हैं।
जांच में मंडलायुक्त आवास के 65 वीडियो एसआईटी के हाथ लगे, जिनकी जांच पूरी कर ली गई है। अब तक मिले साक्ष्यों में इफ्तिखारुद्दीन दोषी माने गए हैं। जांच अब अंतिम चरण में है। मामले में इफ्तिखारुद्दीन का पक्ष जानने के लिए एसआईटी ने उन्हें नोटिस जारी किया है।