इटावा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट प्रथम रूपेंद्र सिंह टौंगर ने 20 साल पुराने दहेज हत्या के मामले में पति को 10 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे दो माह की अतिरिक्त सजा भी काटनी होगी।
चौबिया थाने में वीरेंद्र कुमार तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उसने अपनी पुत्री मीना की शादी चौबिया क्षेत्र के गांव कर्री निवासी दिलीप कुमार दुबे से 17 अप्रैल 2000 में की थी। आरोप है कि उसके ससुरालीजन बाइक मांग रहे थे। 31 दिसंबर 2023 को फोन पर सूचना मिली कि मीना जल गई है और वह जिला अस्पताल में है। इस पर वीरेंद्र मौके पर पहुंचे तो मीना ने बताया कि ससुरालीजनों ने उसके साथ मारपीट की। लखनऊ में इलाज के दौरान 21 फरवरी 2004 को मीना की मौत हो गई। पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति दिलीप व बुआ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
छानबीन के बाद पुलिस ने दहेज उत्पीड़न व दहेज हत्या के धाराओं में दिलीप के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किए। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अजीत तोमर की ओर से पेश साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने दिलीप को दोषी पाया और सजा सुनाई।